महरौनी। किसान सेवा सहकारी समिति के खाताधारकों से वसूला गए रुपये बैंक में जमा न करने, खाताधारकों के खाते से छेड़छाड़ करने व गेहूं क्रय करने में हेराफेरी करने के आरोप में पुलिस ने अपर जिला सहकारी अधिकारी शौकीलाल की तहरीर पर तत्कालीन प्रबंध निर्देशक दुर्गा प्रसाद नगाइच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले में करीब 13 लाख 96 हजार 984 रुपये का गबन किया गया है।
अपर जिला सहकारी अधिकारी ने दी तहरीर में बताया कि महरौनी क्षेत्र के 33 किसानों से ब्याज सहित पैसा वसूल कर शाखा के बैंक में जमा नहीं किए गए। साथ ही खाद व गेहूं खरीद में भी हेराफेरी की गई है। किसानों से प्राप्त रसीदों के अनुसार मार्च 2016 में महरौनी के किसान सेवा सहकारी समिति के प्रबंध निर्देशक बालाबेहट निवासी दुर्गा प्रसाद नगाइच ने अशोक कुमार, ध्यानी, धरमू, नाथूराम, अर्जुन, भगवत, छोटेलाल निवासी समोगर, हरदेव, चतुर्भुज निवासी गुदरापुर, भगोने, छोटेलाल निवासी सिलावन, नंदू निवासी नेगुआं, रामरतन, अवधेश, बृजराजेंद्र निवासी सिदवाहा, रामसेवक सुकाडी, मोहन हल्काई निवासी भौरट, चंदन सिह अमौरा, पुष्पेंद्र निवासी महरौनी, जशरथ, छोटेलाल, सजन सिंह अमौरा, राम चरन, तेजकुंवर वारव, प्रागी बम्हौरी, गनू जरया, निहाल सिंह खिरिया, नाथूराम सिलावन, बालचंद अजान, अच्छेलाल अजान आदि क्षेत्र के किसानों और सदस्यों से लगभग नगद दस लाख उन्नचास हजार पांच सौ एक रुपये की वसूली कर बैंक में जमा नहीं किए है। जिस कारण किसान पैसा अदा करने के बावजूद भी कर्जदार बना हुआ है। वहीं, उक्त प्रबंध निर्देशक द्वारा 30 सितंबर 2016 की सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर 150 एमटीडी डीएपी खाद का वितरण दिखाया गया। लेकिन समिति के स्टाक रजिस्टर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
पीसीएफ ललितपुर से प्राप्त रिपोर्ट में साल 2016-17 में दुर्गा प्रसाद द्वारा 664 कुंतल गेहूं की कुल खरीद की गई तथा जिस पर 573 कुंतल 30 किलो पांच सौ पच्चीस ग्राम गेहूं की डिलेवरी दी गई। जिसकी एफसीआई ललितपुर कटौती हुए गेहूं का मूल्य एक लाख छियत्तर हजार दो सौ पांच रुपये गेहूं के खरीदने में गबन सामने आया। लेकिन प्रबंध निर्देशक के द्वारा 55 हजार रुपये जमा करा दिए गए थे। शेष एक लाख इक्कीस हजार दो सौ पांच रुपये आज भी कम है। पीसीएफ के द्वारा कुल 5542 बोरियों में से 1147 बोरी एफसीआई ललितपुर को जमा की गई। आज भी 4395 बोरी जो कि दो लाख बीस हजार चार सौ तिरेपन रुपये की बोरियों का कोई हिसाब नहीं मिला है।
समिति से प्राप्त सचिव की रिपोर्ट के अनुसार 10 मई 2017 को नगाइच के द्वारा 2895 का वारदाना आज भी शेष है। राम सिंह सिलावन के खाते से 13 जुलाई 2015 को फर्जी तरीके से 81 हजार 65 रुपये अमानत में दिखा दिया गए और 30 मार्च को अमानत में से चौसठ हजार दो सौ दो रुपये फर्जी वसूली खाते में दिखाई गई। इस प्रकार पूर्व प्रबंध निर्देशक दुर्गा प्रसाद नगाइच के द्वारा किसानों से फर्जी रसीद व फर्जी अमानत द्वारा ग्यारह लाख तीस हजार पाच सौ छियासठ रुपये की वसूली व गेहूं खरीद बारदाना आदि में हेराफेरी कर दो लाख छियासठ हजार चार सौ अठारह रुपये की गड़बड़ी की गई। दुर्गा प्रसाद नगाइच के द्वारा कुल 13 लाख 96 हजार नौ सौ चौरासी रुपये का गबन किया गया। साथ ही सचिव द्वारा उपलब्ध कराए गए चार्ज लिस्ट के अनुसार मात्र 32 खाते नगाइच द्वारा उपलब्ध कराए गए है। शेष कोई भी चालू अथवा पुराने कागज चार्ज के दौरान नहीं दिए गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी प्रबंध निर्देशक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।