जिलाधिकारी के संज्ञान लेने के बाद विभाग फिर से पोर्टल खुलवाने की कवायद में जुड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले के विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों की लापरवाही के कारण करीब चार हजार फार्म पोर्टल पर समय सीमा में अपलोड नहीं हो पाए। इसके चलते हजारों विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित हो जाएंगे। जिलाधिकारी के संज्ञान में यह मामला आने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारी को फटकार लगाते हुए फार्मों को अपलोड करने के निर्देश दिए थे। साथ ही लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे। हालांकि, अभी विभाग शासन से पत्राचार कर पोर्टल आरंभ करवाने का प्रयास कर रहा है।
विद्यालयों को छात्रवृत्ति के फार्म समाज कल्याण विभाग के पोर्टल पर 6 नवंबर तक अपलोड करने थे। 31 अक्तूबर तक विद्यालयों ने आठ हजार से अधिक फार्म पोर्टल पर अपलोड नहीं किए थे। इससे जनपद में सीएम डैश बोर्ड में रैंकिंग खराब हुई थी। जनपद में करीब 17 हजार विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किए थे। इसमें 6 नवंबर तक सिर्फ 13 हजार आवेदन ही पोर्टल पर अपलोड किए गए थे। ऐसे में चार हजार विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रहेंगे। जिलाधिकारी ने ऐसे 56 माध्यमिक और 40 डिग्री कॉलेजों के प्रिंसिपलों को नोटिस जारी किया है।
इन विद्यालयों में प्रमुख रूप से लंबित हैं फार्म
जिले में जय मां पठा देवी यूएमवी पठा महरौनी विद्यालय, राजकीय इंटर कॉलेज जखौरा, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज तालबेहट, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ललितपुर, राजकीय इंटर कॉलेज ललितपुर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ललितपुर टाउन, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज महरौनी, सरदार पटेल आंबेडकर बालिका इंटर कॉलेज खितवांस, सरस्वती मंदिर इंटर कॉलेज मड़ावरा आदि प्रमुख विद्यालय शामिल हैं।
छात्रवृत्ति पाने की प्रक्रिया
सरकार से गरीब व आरक्षित वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरित की जाती है, जिससे उनके शिक्षण कार्य में सहयोग मिल सके। इसके लिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इन आवेदनों की जांचकर विद्यालय स्तर से समाज कल्याण विभाग को अग्रसारित किया जाता है। इसके बाद ये शासन को भेजे जाते हैं। शासन से सीधे धनराशि विद्यार्थियों के खातों में पहुंचती है।
शासन को पोर्टल खोलने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। पोर्टल खुलते ही इन फार्म को अपलोड कर दिया जाएगा। हालांकि, इस पूरे प्रकरण में विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की लापरवाही उजागर हुई है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर वर्तमान में नोटिस जारी किए गए हैं। आगे भी कार्रवाई होगी। - आशुतोष सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी