अधिकारियों के फोन भी नहीं उठाए थे, कृषि विभाग ने तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शासन की टीम के निरीक्षण के पूर्व उर्वरक की दुकानें बंदकर भागने वाले मड़ावरा, महरौनी के छह विक्रेताओं को कृषि विभाग ने नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण देने तक उर्वरक की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा है।
किसानों की ओर से एक टन से अधिक खाद खरीदने के मामले में शासन की ओर से गठित की गई तीन सदस्यीय टीम ने शुक्रवार और शनिवार को जनपद में डेरा डालकर जांच की थी। शनिवार को टीम के पहुंचने की जानकारी होने पर मड़ावरा और महरौनी एवं बार में छह दुकानदार अपनी-अपनी उर्वरक की दुकानें बंद कर भाग गए थे। कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने जांच करने के लिए उर्वरक विक्रेताओं को फोन भी लगाया लेकिन फोन नहीं उठाए गए। इससे जांच भी प्रभावित रही।
अब कृषि विभाग ने जारी नोटिस में बताया कि 14 नवंबर को शासन की टीम के आने पर जानबूझकर दुकानें बंद कर दी गईं, जो उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 का स्पष्ट उल्लंघन है। स्पष्टीकरण समय और संतोषजनक प्राप्त नहीं होता है तो उनके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश में निहित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इन उर्वरक विक्रेताओं को भेजा गया नोटिस
उर्वरक की दुकानें बंदकर भागने वाले विक्रेताओं में एग्रीजंक्शन बार, बालाजी ट्रेडर्स मड़ावरा, मयूराज टेडर्स मड़ावरा, पारस कृषि बीज भंडार एवं फर्टीलाइजर मड़ावरा, मेसर्स बालाजी खाद भंडार मंडी रोड महरौनी और जेएस राजपूत एंड कंपनी मंडी रोड महरौनी शामिल हैं। इन्हें नोटिस जारी किया गया है।
समिति पर खाद के अंतर पर एआर को कराया अवगत
शासन की टीम की ओर से पारौल समिति पर की गई जांच में खाद की लगभग 40 बोरियों का अंतर पाया गया था। इस मामले में कृषि विभाग के अधिकारियों ने एआर कोऑपरेटिव को इसके संबंध में अवगत कराया है, ताकि इस मामले में आगे की कार्रवाई हो सके।
शासन की ओर से गठित जांच टीम के निरीक्षण के समय महरौनी और मड़ावरा के छह उर्वरक विक्रेता दुकानें बंद कर मौके से भाग गए थे। इससे उनकी जांच नहीं हो सकी। इस मामले में उन विक्रेताओं को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। - राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी