ललितपुर। विद्युत विभाग द्वारा नगर में स्पॉट बिलिंग मशीनों (एसबीएम) के अभाव में शत-प्रतिशत विद्युत बिलिंग नहीं हो पा रही है। साथ ही दो माह से खराब चार एसबीएम मशीनों के चलते चार मीटर रीडरों के हिसाब से चार हजार से अधिक बिलिंग प्रभावित है।
नगरीय क्षेत्र में विद्युत विभाग द्वारा 23 हजार 600 उपभोक्ताओं के बिलों की बिलिंग का कार्य झांसी की साईं कृपा लिमिटेड के माध्यम से 14 मीटर रीडरों द्वारा करवाया जा रहा है। मीटर रीडर हर माह की 10 तारीख से लखनऊ से डाटा प्राप्त होने के बाद घर-घर जाकर मीटर से रीडिंग लेकर उपभोक्ताओं को बिल मुहैया कराता है। इसके बाद उपभोक्ताओं विद्युत कार्यालय पहुंचकर बिलों का भुगतान करता है। दो माह पूर्व शहर में बिलिंग करने वाली 15 मशीनों में पांच एसबीएम मशीनें खराब हो गई थीं, जिनमें से एक मशीन तो कंपनी द्वारा सुधार दी गई। लेकिन इनमें से चार मशीनें अब भी खराब हैं। इसके चलते चार मीटर रीडरों का बिलिंग का कार्य बाधित चल रहा है।
एक एसबीएम मशीन से 1200 या इससे अधिक उपभोक्ताओं के बिल बनाए जा सकते हैं। इस प्रकार चार मशीन खराब होने के कारण हर माह लगभग 4800 से अधिक उपभोक्ताओं की बिलिंग का कार्य नहीं हो पा रहा है। कंपनी के सुपरवाईजर वसीम ने बताया कि यह एसबीएम मशीनें खराब होने के बाद नई मशीनों की डिमांड भेज दी गई हैं, लेकिन अब तक मशीनें उपलब्ध नहीं कराई जा सकी हैं, जिसके चलते शत-प्रतिशत बिलिंग होना फिलहाल इस महीने भी मुश्किल ही लग रहा है। हालांकि मशीन खराब होने के चलते उस क्षेत्र की बिलिंग का कार्य दूसरे क्षेत्र की एसबीएम मशीनों से कुछ हद तक कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विगत अगस्त के महीने में 23 हजार 600 उपभोक्ताओं के सापेक्ष मात्र 19 हजार 289 उपभोक्ताओं की ही बिलिंग हो सकी है। हालांकि विभागीय अधिकारियों द्वारा बताया गया कि एसबीएम मशीनों की डिमांड के लिए आला अधिकारियों को भेज दी गई है, जिसके तहत शीघ्र ही मशीनें आने की संभावना जताई गई है। ताकि बिलिंग का कार्य प्रभावित न हो और शत-प्रतिशत बिलिंग की जा सके। जबकि इस बार शहर में बिलिंग का कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन अब तक खराब मशीनों के बदले चारों एसबीएम मशीनें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं।
ललितपुर। विद्युत विभाग में बिलिंग के बाद बिलों के भुगतान और अन्य विद्युत कार्यों के लिए होने वाले अन्य नेट संबंधी कार्य कनेक्टिविटी की रफ्तार धीमी आने या फिर घंटों कनेक्टिविटी गायब रहने से उपभोक्ताओं व विद्युत अधिकारियों व कर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।