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जिले में अमान्य स्कूल हुए सूचीबद्घ

Sat, 12 Sep 2015 12:22 AM IST
ललितपुर ब्यूरो
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ललितपुर। जिले में आधा सैकड़ा से अधिक अमान्य स्कूल बेखौफ संचालित हो रहे हैं। इसका खुलासा खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से उपलब्ध कराई सूची से हुआ है। अमान्य स्कूलों के संचालन के मामले में मड़ावरा ब्लाक अव्वल बना हुआ है। इसके बाद ब्लाक बिरधा का स्थान आता है।
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शिक्षा के अधिकार अधिनियम में अमान्य स्कूलों पर रोक लगाने का प्रावधान किया गया है, इसमें अमान्य स्कूल संचालित होने पर एक लाख रुपये का जुर्माना है। यही नहीं, इसके बाद भी विद्यालय बंद नहीं होता है तो उस पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये के हिसाब से जुर्माने की व्यवस्था की गई है। विडंबना यह है कि इस अधिनियम का धरातल पर पूरी तरह पालन भी नहीं हो पा रहा है। शायद यही वजह है कि जिले में आधा सैकड़ा से अधिक अमान्य  विद्यालय धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। इनमें ब्लाक जखौरा में 6,  मड़ावरा में 22, महरौनी में 7, बिरधा में 10, बार में 8 अमान्य  विद्यालय चिह्नित हुए हैं।

वास्तव में अमान्य विद्यालयों की संख्या इससे कहीं अधिक है। कई स्कूल अभी भी खंड शिक्षा अधिकारियों की नजरों से बच गए हैं। इधर,  ब्लाकस्तरीय अफसरों का कहना है कि अमान्य स्कूलों को पहले भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। कई प्रबंधक तो प्रभावशाली हैं, जिन पर नोटिस से दबाव नहीं बन पा रहा है। शुक्रवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रचूड़ दुबे ने बैठक में खंड शिक्षा अधिकारियों को कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दिए हैं।
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तालबेहट व शहर में नहीं एक भी अमान्य स्कूल
जिले के लगभग हर ब्लाक में अमान्य स्कूल संचालित हो रहे हैं। लेकिन, खंड शिक्षा अधिकारी तालबेहट व नगर ने अपने-अपने ब्लाक की सूचना निल दी है। जो चर्चा का विषय बन गया है।

अमान्य स्कूल बंद होने की सूचना निल
जिले में दर्जनों स्कूल अमान्य की श्रेणी में हैं। इसके बाद भी विभागीय अफसर एक भी अमान्य स्कूल बंद नहीं करा सके हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि बीते महीनों में खंड शिक्षा अधिकारियों ने निजी स्कूलों का सत्यापन किया था। इस दौरान आधा दर्जन स्कूल बंद मिले थे, जिन्हें नोटिस तक दिए गए और उनका जवाब भी नहीं आया। इसके बाद भी विभागीय अफसरों ने आगे की कार्रवाई नहीं की। इससे विभागीय अफसरों की उदासीनता उजागर हो गई है।
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