जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। इस पर नायब तहसीलदार की तहरीर पर अशोक जैन के खिलाफ थाना जाखलौन में धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
मध्यस्थता काम नहीं आई
व्यापारी अशोक जैन के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई होने की खबर कुछ ही देर में उनके समर्थकों तक पहुंच गई तो मध्यस्थता के प्रयास शुरू हो गए। व्यापारियों का तर्क था कि भारतीय खाद्य निगम के बोरे बाजार में भी उपलब्ध हैं, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि कालाबाजारी की जा रही थी। इसको लेकर काफी देर तक मध्यस्थता करने वाले अपने तर्क देते रहे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ और प्रशासन ने एफआईआर दर्ज करा दी।