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Lalitpur News: जनपद में निमार्णाधीन हैं चार अस्थायी गोशालाएं

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25 अस्थायी गोशाला का होना था निर्माण, सिर्फ पांच के लिए मिल पाई भूमि
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में निराश्रित गोवंश को आश्रय देने के लिए 25 अस्थायी गोशाला का निर्माण कराया जाना था, जिसमें पांच गोशाला के भूमि मिल गई थी। एक गोशाला जाखलौन की पूर्ण हो चुकी है। तो वहीं चार गोशाला निर्माणाधीन हैं, लेकिन बाकी गोशाला के लिए अब तक भूमि चिह्नित नहीं की गई, इन गोशाला का निर्माण मनरेगा व पंचायत निधि से कराया जा रहा है।
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जनपद में वर्तमान में 30 गोवंश आश्रयस्थल हैं, इसके बाद भी सड़कों पर निराश्रित पशु दिखाई देते हैं, इन पशुओं को आश्रय देने के लिए जनपद में 25 नई गोशाला बनाने का निर्णय लिया गया, मुख्य विकास अधिकारी केके पांडे ने विकास खंड बिरधा, महरौनी, जखौरा, तालबेहट, बार व मड़ावरा में अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल बनाने का निर्देश जारी किया, साथ ही इन गोवंश आश्रय स्थलों के लिए मनरेगा व पंचायत निधि से बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए विकास खंड बिरधा के ग्राम जाखलौन, महरौनी के मैंगुआं, जखौरा के रोड़ा, तालबेहट के कड़ेसरा कलां, खांदी, बिजरौठा, बार के ग्राम पुराधनकुआं, जरावली, बंहौरी खड़ेत, बिल्ला में भूमि को चिह्नित किया गया। इसमें रोड़ा में उचित भूमि न मिलने पर वर्तमान में वहां बनाई जाने वाले गोवंश आश्रयस्थल की कार्ययोजना को निरस्त कर दिया गया है। इसके लिए अन्य जगह पर भूमि की तलाश हो रही है। जाखलौन की गोशाला बनकर तैयार हो गई, एक गोशाला की लागत करीब 17 लाख रुपये आंकी गई है। कड़ेसरा, खांदी, पुराधनकुआं व बंहौरी खड़ेत में निर्माण कार्य चल रहा है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.डीपी सिंह ने बताया कि अन्य जगहों पर भूमि की तलाश ब्लॉकस्तर पर की जा रही है, जिससे बाकि गोवंश आश्रयस्थलों का निर्माण हो सके।
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यह है स्थिति
गाेवंश आश्रयस्थल - संख्या
अस्थायी गोशाला - 16
स्थायी गोशाला - 06
गोवंश वन्य बिहार- 06
कान्हा गोशाला- 02
कांजी हाउस - 22
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