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किसानों को पैकेज से क्या मिलेगा बाद की बात, पहले गेहूं का भुगतान तो दिला दो सरकार

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अमरपुर मंडी में गेहूं क्रय केंद्र पर उपज बेचने को ट्रैक्टरों की लगी कतार - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। इस वैश्विक महामारी के दौर में जहां एक ओर सरकार किसानों के लिए राहत पैकेज में तरह-तरह की इमदाद की घोषणा कर रही है, वहीं हकीकत के धरातल पर किसानों को गेहूं खरीद की धनराशि मिल पाना भी मुश्किल हो रहा है। ललितपुर जिले में गेहूं खरीद का 12 करोेड़ रुपये अब तक किसानों को नहीं मिल पाया है। जिले में संचालित खरीद केंद्रों में गेहूं खरीद के भुगतान की समस्या हो रही है। उधर, मल्टीस्टेट कंपनियों ने भी भुगतान नहीं किया है। इसके मद्देनजर विभागीय अफसरों ने 25 करोड़ रुपये की मांग प्रबंध निदेशक पीसीएफ से की है।
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किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए जगह-जगह गेहूं खरीद केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन पर गेहूं की खरीद चल रही है, लेकिन, अधिकांश स्थानों पर गोदाम फुल हो गए हैं, इस कारण जिले में एक दर्जन केंद्रों पर गेहूं खरीद बाधित है। अमरपुर मंडी में एफसीआई क्रय केंद्र पर खरीद ठप पड़ी है। उधर, किसान पांच से छह दिनों से तुलाई के लिए डेरा डाले हैं, जो किसान ट्रैक्टर- ट्रॉली किराए से लेकर गेहूं लाए थे, उनका किराया बढ़ रहा है। किसानों का कहना है कि टोकन नंबर आने के बाद भी तुलाई नहीं हो पा रही है। तुलाई का इंतजार करने वाले ट्रैक्टर-ट्राली की संख्या पचास के करीब है। यही नहीं, गेहूं खरीद केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग की समस्या बनी हुई है। ग्राम कारीटोरन निवासी किसान का टोकन 22 अप्रैल का लगा हुआ है, लेकिन उसकी तुलाई अब तक नहीं हो पाई है। अन्य केंद्रों पर किसान तुलाई के लिए परेशान भटक रहे हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी भुगतान की है, वे किसान जिनका गेहूं बिक चुका है, उनका करीब 12 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं, मल्टीस्टेट कंपनियों ने करीब दस करोड़ रुपये का भुगतान पीसीएफ को नहीं किया गया है, जिससे किसानों को उपज का भुगतान नहीं मिल पा रहा है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राकेश त्रिपाठी ने किसानों का भुगतान कराने के लिए पच्चीस करोड़ रुपये की मांग की है। जिले में 62 केंद्रों पर खरीद चल रही है।
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इस समय दस से बारह केंद्रों पर उठान नहीं होने के कारण गेहूं खरीद बाधित है। इस समस्या को शीघ्र दूर कर लिया जाएगा। दो से तीन दिन में गेहूं उठान की समस्या का निदान होने की उम्मीद है।
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राकेश त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
पंद्रह करोड़ चौदह लाख रुपये पंद्रह मई तक का भुगतान कर दिया गया है। इसे किसानों के बैंक खाते में डाला गया है।
रमेश कुमार गुप्ता, सहायक निबंधक, सहकारिता
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