ललितपुर। वैश्विक बीमारी नोवल कोरोना वायरस संक्रमण को नियंत्रण करने के लिए जिला प्रशासन अलर्ट बना हुआ है। आइसोलेशन वार्ड में पलंगों की संख्या दो गुनी की जा रही है। मेडिकल क्वारंटीन सेंटरों में भी पलंगों में बढ़ोत्तरी की जा रही है, जिससे मरीजों केे बढ़ने पर भर्ती होने का संकट न हो। जिला अस्पताल में दस बेड संचालित हो रहे थे, जिनकी संख्या को 20 किया जा रहा है, जिससे मरीजों को भर्ती करने के लिए अधिक परेशानी न हो।
जिले में कोरोना के मरीजों को भर्ती कर उपचार के लिए 40 पलंग के दो आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए हैं। इनमें 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड जिला अस्पताल व 30 बेड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट में स्थापित है। यहां पर केवल कोरोना की पुष्टि होने वाले मरीजों को ही भर्ती की सुविधा की गई है।
मेडिकल स्टाफ को 14 दिन तक ड्यूटी के उपरांत जांच कराकर होम क्वारंटीन के लिए भेजा जा रहा है। इसके बाद जांच कराई जा रही है, जांच के बाद पुन: ड्यूटी पर लगाया जा रहा है। दिनों दिन मरीजों की संख्या में हो रहे इजाफा के चलते आइसोलेशन वार्ड में बेडों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
जिला अस्पताल में भी सैंपल लेने की सुविधा
मेडिकल क्वारंटीन सेंटरों पर ही लोगों के कोरोना जांच के लिए सैंपल अधिक लिए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में भी सैंपल लेने की सुविधा की गई है। कोरोना की पुष्टि वाले मरीजों के परिजनों व बाहर से आए संदिग्धों को चिकित्सकों की निगरानी में रखने के लिए मेडिकल क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं। जहां पर मरीज के परिजनों को चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा। साथ ही उनकी प्रतिदिन स्क्रीनिंग कर लक्षणों की जानकारी ली जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद होम क्वारंटीन किया जाएगा। इसके लिए तीन स्थानों पर मेडिकल क्वारंटीन सेंटर है, जिसमें ग्राम रौंड़ा मेडिकल क्वारंटीन में 40 बेड, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिरधा व जखौरा में भी दस-दस बेड के बनाए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर जखौरा व विरधा में दस-दस बेडों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
जिला अस्पताल स्थित आइसोलेशन वार्ड में दस बेड की सुविधा है। अब वहां पर दस पलंग की संख्या और बढ़ाई जा रही है। शीघ्र ही 20 पलंग का वार्ड होगा।
डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी