हत्या मामले में निरुद्ध पूर्व सांसद को जिला कारागार से किया गया रिहा, साढ़े तीन साल से थे जेल में
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला कारागार में निरुद्ध बलरामपुर के पूर्व सांसद रिजवान जहीर को बलरामपुर न्यायालय से जमानत मिलने के बाद शुक्रवार को जेल से रिहा कर दिया गया। पूर्व सांसद करीब साढ़े तीन साल से जेल में बंद थे। उनकी रिहाई के बाद परिजन उन्हें लेने जिला कारागार पहुंचे और अपने साथ ले गए।
जनपद बलरामपुर की नगर पंचायत तुलसीपुर के पूर्व अध्यक्ष फिरोज अहमद पप्पू की जनवरी 2022 में हुई हत्या के आरोप में पूर्व सांसद रिजवान जहीर को गिरफ्तार किया गया था। 11 जुलाई 2022 को उन्हें बलरामपुर जेल से ललितपुर जिला कारागार स्थानांतरित किया गया था, तभी से वह यहीं निरुद्ध चल रहे थे। इस दौरान बलरामपुर पुलिस ने उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की थी।
जिला कारागार में निरुद्ध रहने के दौरान नवंबर 2024 में पूर्व सांसद को दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज से झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। वहां कई दिनों तक उपचार के बाद स्वस्थ होने पर उन्हें पुनः जिला कारागार भेज दिया गया था।
हाल ही में बलरामपुर न्यायालय में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली। इसके बाद तीन जनवरी को उन्हें जिला कारागार से रिहा कर दिया गया। जेल अधीक्षक शिव मूरत सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पूर्व सांसद को रिहा किया गया है।
जेल में मिली थीं वीआईपी सुविधाएं
31 मई 2025 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव द्वारा जिला कारागार का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान बैरक संख्या 5-ए में निरुद्ध पूर्व सांसद रिजवान जहीर को वीआईपी सुविधाएं मिलती पाई गई थीं। उनके पास से तकिये के नीचे करीब 30 हजार रुपये नकद, डनलप का गद्दा, तकिया, बैटरी वाला पंखा, देसी घी, अचार, मिठाई, खाने की क्रॉकरी, टिफिन, ब्रांडेड तेल, साबुन, शैंपू और क्रीम बरामद की गई थीं।
वीआईपी सुविधाएं देने में जेलकर्मी हुए थे निलंबित
पूर्व सांसद को जेल के भीतर वीआईपी सुविधाएं दिए जाने के मामले में डिप्टी जेलर जय नारायण भारती, हेड वार्डन वीरेंद्र शाह, वार्डन राजेंद्र प्रसाद और रजनीश यादव को निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा तत्कालीन जेल अधीक्षक मुकेश कुमार को भी निलंबित किया गया था। यह मामला उस समय काफी चर्चा में रहा था।