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दलाल हो रहे किसान बीमा से मालामाल

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ललितपुर। जिले के एक किसान ने खरीफ फसल का बीमा 192 बार कराया है। जानकर ताज्जुब होगा, लेकिन यह हकीकत है। दरअसल, किसान ने पिछले साल 15 बार फसल बीमा कराया था, जिसका पैसा उसे मिल गया है। इसी लालच में उसने 192 बार बीमा करा लिया। खरीफ फसल बीमा का पैसा जनवरी में मिलने के बाद वह मालामाल हो जाएगा। इसी चक्कर में वह वर्तमान में फसल बीमा योजना के अंतर्गत अब तक 20 बार बीमा के लिए आवेदन कर चुका है। किसान ग्राम अनौरा का निवासी है। एक तरफ किसान पैसों के अभाव में फसलों का बीमा नहीं करा पा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ एक किसान फसल बीमा के नाम पर लाखों रुपये हड़प रहा है। इस संबंध में जब दी ऑरियंटल इंश्योरेंस कंपनी के डिस्ट्रिक हेड बृजेंद्र कुमार को जानकारी हुई तो उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। मामले की जांच शुरू हो गई है।
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ब्लॉक बिरधा के अंतर्गत ग्राम अनौरा निवासी एक किसान ने जमीन के कागजों में कुछ ऐसा कमाल कर लिया है कि बीते वर्ष खरीफ की फसल का 15 बार बीमा करा लिया था। इस पर उसे बीमा एक लाख 72 हजार रुपये मिल गया है। इसी चक्कर में वह खरीफ की फसल का बीमा 192 बार कर चुका है। इतना नहीं वर्तमान में रबी की फसल बीमा योजना में वह अब तक 20 बार बीमा के लिए आवेदन कर चुका है, लेकिन विभागीय अधिकारियों को भनक तक नहीं है।
बैंकों व बीमा कंपनी द्वारा किसानों व अन्य ग्राहकों से कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं। उन दस्तावेजों की जांच की जाती है। जांच में सही पाए जाने पर ही पैसा जारी किया जाता है। लेकिन, इस मामले में हो रहे खेल को विभाग अब तक नहीं पकड़ सका है।
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जिले के लगभग आधे किसान अपनी जमीनों को बैंकों में बंधक रखकर कर्ज लिए हैं, जो तय समय अवधि में पैसा जमा भी नहीं कर पा रहे हैं। इसका कारण दैवी आपदाओं से लगातार नष्ट हो रही फसलें है। किसान आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण दाने-दाने को मोहताज हैं। कुछ किसान शासन की योजनाओं का गलत तरीके से लाभ लेकर मालामाल हो रहे हैं।
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- बृजेंद्र कुमार, डिस्ट्रिक हेड, दी ऑरियंटल इंश्योरेंस कंपनी
एक ही किसान द्वारा एक ही फसल का कई बार बीमा का लाभ लेने का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी, दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
- गौरव यादव, जिला कृषि अधिकारी
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