झांसी मंडल के वन संरक्षक ने मड़ावरा रेंज में रोपित पौधरोपण व नर्सरी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें अफसरों की गैर मौजूदगी खली। वह अफसरों के गैरमौजूद रहने पर गौना रेंज के भ्रमण नहीं कर सके। उन्होंने एक एसडीओ व दो वन रेंजरों के मौके पर नहीं मिलने पर गहरी नाराजगी जाहिर की है।
गत दिवस वन संरक्षक झांसी मंडल अशोक कुमार ने मड़ावरा रेंज में डेरा डाल दिया था। उन्होंने देर रात्रि मड़ावरा रेंज की धौरी सागर, मदनपुर, सौरई चौकी का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने चौकियों पर कर्मचारियों को मौजूद पाया। रविवार को उन्होंने मड़ावरा रेंज के दांगली व मड़ावरा वन ब्लाक में पौधरोपण को देखा और नर्सरी का भ्रमण किया। इसके पश्चात उन्होंने गौना रेंज के भ्रमण की इच्छा जाहिर की। लेकिन, न तो मौके पर गौना रेंज के रेंजर और न ही डीएफओ ही उपस्थित मिले। जिस पर उन्होंने गौना रेंज के भ्रमण को टाल दिया। उन्होंने पत्रकारवार्ता में बताया कि इस भ्रमण का मकसद अधिकारी, कर्मचारियों के ठहराव को सुनिश्चित करना है। निरीक्षण में पाया कि महरौनी व गौना रेंज के रेंजर मौके पर नहीं मिले।
वहीं, ललितपुर एसडीओ भी उपस्थित नहीं हुए हैं। उन्होंने इसकी सूचना उच्चस्थ अफसरों को देने की बात कही है। वन दरोगाओं के स्थानांतरण के सवाल पर कहा कि दरोगाओं के स्थानांतरण के संबंध में उन्हें अवगत नहीं कराया गया है। उन्होंने एसडीओ द्वारा दरोगाओं के स्थानांतरण किए जाने पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि एक दो दरोगाओं के स्थानांतरण नहीं किए जा सकते। ऐसा करने पर विरोध की स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने निष्पक्ष कार्रवाई के लिए डीएफओ को निर्देशित किया। डीएफओ वीके जैन ने कहा कि दरोगाओं के स्थानांतरण की प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जाएगी। गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज दो पौधरोपण के जवाब में उन्होंने कहा कि पौधरोपण की सिंचाई के लिए भौगोलिक परिस्थितियां अनुकूल नहीं हैं। जिसे ध्यान में रखकर सागौन के पौधे रोपित किए गए हैं। वर्तमान में नब्बे प्रतिशत पौधरोपण पूरी तरह सुरक्षित है। इस मौके पर एसडीओ महरौनी वीके यादव भी उपस्थित रहे।