- वन्य जीव संरक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार कर शासन को एक बार फिर भेजी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में तेंदुआ की संख्या में प्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। वन विभाग ने इनके संरक्षण के लिए एक बार फिर शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा है। साथ ही जंगली इलाके से गुजरने वाले नेशनल हाईवे की सेफ्टी लगाए जाने की मांग उठाई है।
जनपद में 76 हजार हेक्टेयर में वन क्षेत्र फैला हुआ है, यहां पर कई प्रकार के दुर्लभ जीवों का निवास है। पन्ना में टाइगर रिजर्व के बीचों-बीच केन बेतवा लिंक परियोजना के तहत बांध का निर्माण हो रहा है, पन्ना का जंगल व जनपद की सीमाएं मिली होने के कारण वहां बांध परियोजना के कारण लोगों का आवागमन बढ़ने के कारण जंगली जानवरों ने अपनी शरणस्थली ललितपुर के जंगलों को बना लिया है। यहां पर वह अपने आप अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। साथ ही कुछ वर्षों में यहां पर तेंदुआ के कुनबे में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां पर पहले करीब आठ से दस तेंदुआ होने का अनुमान था, जो यदा कदा ही लोगों को दिखाई देते थे। लेकिन अब इनकी संख्या तीन गुनी हो गई है। वन विभाग ने हालही में एक आकंलन के अनुसार इनकी अनुमानित संख्या शासन को 28 भेजी है। हालांकि विभाग इससे अधिक तेंदुआ होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है। जंगलों मेें इन्होंने अपना प्रवास बनाया है, साथ ही उन्हें जंगलों में पर्याप्त मात्रा में वनरोज, जंगली भैंसे व चीतल जैसे जानवर होने के कारण भोजन के लिए यहां वहां पर नहीं भटकना पड़ता है। मड़ावरा के गिरार वन ब्लॉक में एक तेंदुआ मादा ने तीन शावकों को जन्म दिया है। ऐसे में अब इससे वन विभाग ने जिले के जंगलों को प्रजनन के सुरक्षित मान रहे हैं। इन्हीं सभी संभावनाओं व वन्यजीवों को संरक्षित करने के लिए विभाग ने शासन को कार्ययोजना तैयार कर भेजी है। हालांकि वर्तमान में जहां पर तेंदुआ मादा के बच्चे हैं, वहां पर लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है।
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वन्य जीवों के संरक्षण को कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेज दी गई है। साथ ही मड़ावरा वन क्षेत्र में जहां पर तेंदुआ के शावक हैं, वहां पर चौकसी बढ़ा दी गई है।-गौतम सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी