सर्दियों में कोहरे ने ट्रेनों की रफ्तार थाम दी है। कई ट्रेनें घंटों लेट चल रही हैं। बृहस्पतिवार को कुशीनगर 36 घंटे, साबरमती दस घंटे और अप रूट की कई ट्रेनें दो से नौ घंटे तक लेट रहीं। डाउन रूट की कुशीनगर एक्सप्रेस रेलवे को रद करनी पड़ी। ललितपुर में थ्रू-कर्नाटक एक्सप्रेस समेत अन्य सुपर फास्ट ट्रेनों को कोहरे की वजह से सिग्नल साफ नहीं दिखने से 10 की स्पीड में आगे बढ़ाना पड़ा।
बुधवार की रात और बृहस्पतिवार की सुबह कोहरे का असर ट्रेनों पर साफ नजर आया। बुधवार की रात को पड़ने वाले कोहरे ने बृहस्पतिवार की सुबह ट्रेनों की गति को काफी धीमा कर दिया। इससे लखनऊ के रास्ते मुंबई की ओर जाने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस जो 30 नवंबर को आनी थी, वह दूसरे दिन एक दिसंबर यानी बृहस्पतिवार को 36 घंटे लेट आई। वहीं अहमदाबाद की ओर जाने वाले अप रुट की साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन दस घंटे लेट आई। बृहस्पतिवार को सुबह भोपाल की ओर जाने वाली मालवा एक्सप्रेस सात घंटा लेट, प्रतापगढ़ भोपाल एक्सप्रेस 9.12 घंटा लेट, दक्षिण एक्सप्रेस 5.20 घंटा, पठानकोट एक्सप्रेस पांच घंटा व इटारसी झांसी पैसेंजर 3.30 घंटे लेट रही।
वहीं अप रूट की पंजाबमेल एक्सप्रेस पांच घंटे, पठानकोट एक्सप्रेस 2.11 घंटा, समता एक्सप्रेस 1.30 घंटा, हीराकुंड एक्सप्रेस 3.37 घंटा, राप्तीसागर एक्सप्रेस 3.11 घंटा, झेलम एक्सप्रेस डेढ़ घंटा देरी से आईं। शताब्दी एक्सप्रेस भी 2.07 घंटा लेट आई। कोहरा अधिक होने के कारण ललितपुर रेलवे स्टेशन से ही कई ट्रेनें दस किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चलाई गईं। कई बार तो स्थिति यह रही कि सिग्नल दिखाई नहीं देने पर ट्रेनों को बहुत धीमे चलाना पड़ा। वहीं कोहरे की स्थिति को देखते हुए बृहस्पतिवार को गोरखपुर की ओर जाने वाली डाउन रूट की कुशीनगर को रद कर देना पड़ा। जबकि डाउन रूट की साबरमती एक्सप्रेस सात घंटा और शताब्दी एक्सप्रेस 2.10 घंटा लेट आई।
शहर ने ओढ़ी कोहरे की चादर, ठंड बढ़ी
ललितपुर। शहर में छायी कोहरे की चादर से तापमान गिर गया। बृहस्पतिवार की सुबह सूरज निकलने के ढाई घंटा तक कोहरा छाया रहा। इस कारण सुबह अचानक ठंड भी बढ़ गई। सुबह सात बजे तक तो कई स्थानों पर दस मीटर तक की बिजीविलिटी रही, जिससे सड़कों पर वाहनों की लाइटें दिन होने के बाद भी जलती नजर आई। हालांकि पहले कोहरे का लोगों ने लुत्फ भी उठाया और वाट्सएप व सोशल मीडिया पर सर्दियों के पहले कोहरे की बधाई तक दे डाली। हालांकि बच्चों के स्कूल सुबह के होने के चलते कोहरे से परेशानी भी रही। वहीं हाईवे पर वाहनों की चाल भी बीस से तीस किलोमीटर तक रही, जिससे झांसी व सागर तक का सफर लोगों को निजी वाहनों से भी चार से पांच घंटे तक में तय करना पड़ा।