सुबह नौ बजे तक छाया रहा घना कोहरा, न्यूनतम तापमान 8 डिग्री पर पहुंचा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नए साल की पहली सुबह जनपद में घने कोहरे की चादर में लिपटी रही। ठंडी हवाओं के चलते सर्दी का असर और बढ़ गया। दृश्यता बेहद कम होने के कारण हाईवे समेत अन्य प्रमुख सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही और वाहन चालकों को लाइट जलाकर सफर करना पड़ा।
पिछले एक सप्ताह से जनपद में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया हुआ है। बृहस्पतिवार को वर्ष के पहले दिन भी सुबह से ही कोहरा छाया रहा। कोहरे के साथ सर्द हवाएं चलती रहीं, जिससे न्यूनतम तापमान गिरकर लगभग आठ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। घने कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रही और इसका सीधा असर यातायात पर पड़ा। हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर छोटे-बड़े वाहनों की गति बेहद धीमी बनी रही। यह स्थिति सुबह नौ बजे तक बनी रही।
नौ बजे के बाद कोहरा धीरे-धीरे छंटना शुरू हुआ, लेकिन सूर्यदेव के दर्शन करीब दस बजे के बाद ही हो सके। नए वर्ष के अवसर पर लोगों ने सुबह स्नान-ध्यान के बाद घरों में पूजा-अर्चना की। धूप निकलने पर मौसम में कुछ राहत मिली तो लोग मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे और नए साल की शुरुआत धार्मिक आस्था के साथ की।
मौसम का असर : फसलों में माहू कीट का खतरा
जिले में न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री और अधिकतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। घने कोहरे और सीमित धूप के कारण रबी फसलों में माहू कीट का प्रकोप बढ़ने लगा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिनेश तिवारी ने बताया कि सरसों और मसूर की फसल को बचाने के लिए इमिडाक्लोप्रिड की 5 मिलीलीटर मात्रा को 15 लीटर पानी में घोलकर दोपहर दो बजे के बाद छिड़काव करना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर 15 दिन के अंतराल पर पुनः छिड़काव किया जा सकता है।
इसके अलावा डाईमेथोएट की एक लीटर मात्रा या थायोमेथाक्साम 25 प्रतिशत डब्ल्यूजी की 100 ग्राम मात्रा को 500 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। सब्जी फसलों में माहू कीट नियंत्रण के लिए नीम ऑयल की 10 मिलीलीटर मात्रा प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने को कहा गया है।
सूरज निकलते ही पार्कों में लौटी रौनक
कोहरा और कड़ाके की सर्दी के बावजूद बच्चों में नए साल को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। धूप निकलते ही शहर के पार्कों में बच्चों और बड़ों की भीड़ उमड़ पड़ी। आजाद बाल क्रीड़ा पार्क में नए वर्ष के पहले दिन बड़ी संख्या में बच्चे अपने परिजनों के साथ पहुंचे और झूला, राउंड झूला व स्लाइड का आनंद लिया। कंपनी बाग में भी दोपहर तक लोगों की आवाजाही बनी रही। यहां ऊंची झोपड़ी और स्लाइड बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहीं। इस बार कंपनी बाग में फव्वारा भी चलाया गया, जिसने पार्क की रौनक और बढ़ा दी।