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कोरोना काल में नहीं महका फूलों का कारोबार

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ललितपुर। कोरोना त्रासदी में सबसे ज्यादा नुकसान व्यापारी वर्ग का हुआ है। इसीक्रम में फूूल विक्रेता भी प्रभावित हुए हैं। कोरोना काल में शादी समारोह, धार्मिक आयोजन एवं राजनैतिक सभाएं नहीं होने से फूल व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है। व्यापार नहीं होने से कई क्विंटल फूल रोजाना खराब हुए हैं। इससे नुकसान कई गुना बढ़ा है।
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कोरोना काल से डेढ़ वर्ष पहले तक जो व्यापार था, उसके मुकाबले जिले में फूलों का व्यापार 80 फीसदी से अधिक प्रभावित रहा। फूल व्यापारियों को ऐसे में भारी नुकसान झेलना पड़ा। लॉकडाउन लगने और गाइडलाइन की वजह से शादी समारोह व धार्मिक आयोजन रद्द होने के कारण फूल व्यापारी लगातार परेशान चल रहे हैं। हालांकि लॉकडाउन खत्म होने के बाद से अब फूल व्यापार फिर से चल पड़ा है। शादी समारोह व धार्मिक आयोजन शुरू होने से इस महीने में 70 फीसदी तक व्यापार बढ़ गया है।
पिछले वर्ष कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन के पहले फूलों का जो व्यापार था, वह काफी ठीक था, लेकिन कोरोना काल में दो बार से लाखों क्ंिवटल फूल खराब हो गए हैं, जिस पर उन किसानों को भी घर से रुपये देकर मदद की है। गुलाब की पत्ती भी सुखाकर रखीं, लेकिन वह भी नहीं बिक सकीं। दो बार से कोरोना काल के चलते करीब पांच लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है। - सुनील सैनी, फूल व्यापारी।
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इस बार शादी सीजन में शहर में 90 फीसदी से अधिक शादी रद्द रहीं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में शादी समारोह काफी सादगी से हुए, जिसके चलते फूलों के व्यापार पर असर पड़ा। जहां पहले सामान्य दिनों में 90 से सौ ग्राहक आते थे, लेकिन कोरोना काल में मुश्किल से चार से पांच ग्राहक आए वह भी सीमित फूल मालाएं ही ले गए। -विक्की कुशवाहा, फूल व्यापारी।
लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। स्टाफ को घर से उनकी मजदूरी देनी पड़ी। अब तीसरी लहर ज्यादा खतरनाक बताई जा रही है। ऐसे में फूल व्यापारियों को और भी अधिक नुकसान हो सकता है। फिलहाल अभी लॉकडाउन के बाद से बाजार में कुछ उम्मीद बढ़ी है, लेकिन अब सहालग सीजन खत्म हो गया है। - दीपक कुमार, फूल व्यापारी।
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