ललितपुर। आंध्रप्रदेश के जनपद निल्लोर अंतर्गत कलिगिरि मंडलम निवासी आईवी बोल्लिनेनी वेंकट रामनैया ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। बताया कि धोखाधड़ी से हस्ताक्षरित चेकबुक हासिल कर आरोपी पांच करोड़ रुपये मांग रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पीड़ित ने बताया कि वह मेसर्स श्रीनिवास कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक है। उसकी कंपनी को कुछ वर्ष पूर्व जिले में सिचाई विभाग द्वारा रोहिणी, जामिनी और सजनाम डैम नहर के पुनर्वास एवं आधुनिकीकरण परियोजना का कार्य ग्राम देवरान में दिया गया था। टेंडर संबंधी काम के लिए ललितपुर आना जाना पड़ता था। यह कार्य 2014 से 2016 के बीच हुआ। इस अवधि में केबी श्रीधर निवासी कावली एसपीएसआर नेल्लोर आंध्र प्रदेश व कोडवती सतीश निवासी ट्रंक रोड, कावली एसपीएसआर नेल्लोर जिला आंध्र प्रदेश कंपनी में कार्यरत थे और नागपुर मुख्यालय से ललितपुर परियोजना स्थल पर नियमित रूप से आते जाते थे। उन्हें मैटेरियल सप्लायर, कार्यस्थल का ऑडिट करने, श्रमिकों, आपूर्तिकर्ताओं एवं ठेकेदारों को भुगतान करने जैसा कार्य सौंपा गया था।
कंपनी के नागपुर स्थित सिंडिकेट बैंक एवं यूनियन बैंक खातों के पूर्व हस्ताक्षरित कोरे चेक भी केवल परियोजना संबंधी उपयोग के लिए दिए थे। दोनों आरोपियों ने षड्यंत्र कर पोनूरु श्रीनिवासुल पुत्र संजीव सेट्टी कावली नगर एसपीएसआर नेल्लोर जिला आध्र प्रदेश से पांच लाख रुपये लेकर चेक बुक दे दी। उक्त तीनों लोगों केबी श्रीधर, कोडवती सतीश व पोनूरु श्रीनिवासुल एक ही गांव के हैं। कुछ समय पहले श्रीपोनूरु श्रीनिवासुलु ने पांच करोड रुपयों की मांग की। ऐसा न करने पर अलग अलग व्यक्तियों से चेकों को बैंक में लगवाकर पैसे वसूल करने की धमकी दी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी ने बताया कि जांच की जा रही है। जो भी तथ्य निकलकर आएंगे उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।