ललितपुर। मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी के विद्युत कक्ष में सोमवार रात करीब 11:30 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। तारों में स्पार्किंग के साथ लपटें उठने लगीं और पूरा परिसर धुएं से भर गया। इससे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सूचना पर विद्युत कर्मियों ने बिजली आपूर्ति बंद की, जिसके करीब आधे घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। गनीमत रही कि आग विद्युत कक्ष तक ही सीमित रही और पैथोलॉजी में लगी महंगी मशीनें सुरक्षित बच गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग लगने के दौरान तारों में तेज स्पार्किंग हुई और कुछ ही देर में धुआं भर गया। कर्मचारियों ने तत्काल कॉलेज प्रशासन को सूचना दी। बिजली आपूर्ति बंद किए जाने के बाद आग बुझाई गई। विद्युत कर्मियों ने लाइन की मरम्मत कर रात करीब एक बजे तक आपूर्ति सुचारू कर दी।
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पैथोलॉजी विभाग के ठीक ऊपर स्थित है बच्चा वार्ड
पैथोलॉजी के ठीक ऊपर बच्चा वार्ड स्थित है, जहां 50 से अधिक बच्चे भर्ती बताए गए हैं। उनके साथ तीमारदार भी मौजूद थे। वहीं, कुछ दूरी पर एसएनसीयू वार्ड भी है। आग विद्युत कक्ष तक सीमित रहने से इन संवेदनशील वार्डों तक नहीं पहुंच सकी और बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, घटना के दौरान पैथोलॉजी परिसर में धुआं भरने से कर्मचारियों और मरीजों में अफरातफरी की स्थिति बन गई।
अग्निशमन विभाग को सूचना न देने पर सवाल
घटना रात करीब 11:30 बजे हुई, लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से अग्निशमन विभाग को सूचना दिए जाने की बात सामने नहीं आई। आग के दौरान तारों से स्पार्किंग के साथ लपटें उठ रही थीं और परिसर धुएं से भर गया था। ऐसे में आग बढ़ने की स्थिति में बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। हालांकि, आग विद्युत कक्ष तक सीमित रहने से स्थिति गंभीर होने से बच गई।
महंगी मशीनें बचीं
मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी में विभिन्न महत्वपूर्ण जांचों के साथ सीटी स्कैन और डिजिटल एक्सरे जैसी सेवाएं संचालित होती हैं। यहां महंगी मशीनें स्थापित हैं। आग विद्युत कक्ष तक सीमित रहने से उपकरण सुरक्षित बच गए। मशीनों को नुकसान पहुंचने की स्थिति में मरीजों की जांच सेवाएं प्रभावित हो सकती थीं।
पैथोलॉजी के पास विद्युत कक्ष में केबल जलने से आग लगी थी। बिजली की सप्लाई बंद कर आग पर काबू पा लिया गया था। कुछ ही देर में लाइन की मरम्मत कर सप्लाई चालू कर दी गई।
— डॉ. गजेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज