शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कटिया डालकर विद्युत चोरी धड़ल्ले से की जा रही है। खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में चेकिंग कम होने के कारण लोग विद्युत चोरी करने से परहेज नहीं करते हैं। विभाग द्वारा ऐसे लोगों के खिलाफ विगत वर्ष जून से तीन माह के लिए और इस वर्ष जनवरी में दो माह के लिए चलाए जाने वाले महाभियान में विद्युत चोरी के सैकड़ों मामले सामने आए। ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई तो बहुत से लोगों पर शमन शुल्क लगाकर राजस्व वसूला गया। इससे विभाग को लाखों रुपये का लाभ कुछ ही माह में प्राप्त हो गया था। लेकिन, विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के बाद भी विद्युत चोरी को नहीं रोका जा सका। अब भी अवैध रूप से विद्युत चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। विगत माह जून में अधिशासी अभियंता के निर्देश पर उपखंड अधिकारियों व अवर अभियंताओं के नेतृत्व में चलाए जाने वाले अभियान में उपखंड अधिकारी द्वितीय द्वारा आठ एफआईआर और उपखंड अधिकारी तृतीय द्वारा 22 एफआईआर दर्ज कराई गईं। साथ ही 90 हजार रुपए शमन के रूप में वसूला गया। जबकि, उपखंड अधिकारी प्रथम द्वारा शहर क्षेत्र में जून माह में चेकिंग के दौरान एक भी एफआईआर की कार्रवाई नहीं की गई और न ही कोई शमन शुल्क वसूल किया।
इसे देखते हुए अधिशासी अभियंता प्रशांत सिंह ने उपखंड अधिकारी प्रथम और द्वितीय को निर्देशित किया है कि वह अधीनस्थ अवर अभियंताओं को विद्युत चोरी के मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए लक्ष्य आवंटित करें, साथ ही क्षेत्र में स्वयं जाकर भ्रमण कर विद्युत चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें, ताकि विद्युत चोरी को रोका जा सके। उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि इसके लिए बकाएदारों की सूची के साथ घर- घर जाकर हकीकत जानें और मीटरों में गड़बड़ी की जांच भी करें।