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किसानों को आर्थिक मदद दी जाए

Mon, 28 Mar 2016 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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prdep jain, lalitpur news - फोटो : Amar Ujala
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ललितपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने बर्बाद फसलों के कारण किसानों की सदमे से हो रही मौतों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सदमे से मर रहे किसानों को आर्थिक मदद दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने आंखों पर पट्टी बांध ली है। उन्हें किसानों की मौत से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।
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रविवार को एक होटल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में प्रतिदिन चार-पांच किसान या तो आत्महत्याएं कर रहे हैं या फिर सदमे से उनकी मौत हो रही है। आजादी के बाद यह पहला अवसर है, जब किसानों में इतनी हताशा है। केंद्र व प्रदेश सरकारें संवेदन शून्य हो गई हैं। विधायक विदेश यात्रा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन काल में बुंदेलखंड के लिए जितनी घोषणाएं की गई थीं, अब उनमें से एक भी धरातल पर काम नहीं कर रही है। 50 प्रतिशत से ज्यादा हैंडपंप सूख गए हैं, लेकिन रीबोर नहीं किए जा रहे हैं। ग्राम नाराहट में 92 हैंडपंप हैं, जिनमें से 70 सूख गए हैं। गोविंद सागर बांध भी खाली होने वाला है, लेकिन इस ओर जिला प्रशासन का ध्यान नहीं है, सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं।
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किसानों को ओलावृष्टि और अतिवृष्टि का मुआवजा अब तक नहीं दिया गया है। खरीफ की फसल का सर्वे किया गया, लेकिन 30 प्रतिशत से कम नुकसान बता दिया गया, जबकि कई गांव ऐसे हैं, जहां पर कुछ भी पैदा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि ललितपुर में किसानों का सबसे अधिक शोषण किया जा रहा है। सूखा की भयावहता से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। बुंदेलखंड में कोई योजना नहीं चल रही है, सागर रेल लाइन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में कह सकते हैं कि केंद्र व प्रदेश में बुंदेलखंड के किसानों की विरोधी सरकारें बैठी हैं।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को चाहिए कि कैंप लगाकर गांव-गांव में लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए। सदमे से किसान मरता है तो सरकार उसकी आर्थिक मदद करती है, लेकिन जिले में लगातार हो रही मौतों की ओर सरकार अथवा जिला प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें किसानों की सदमे से मौत होने पर आर्थिक मदद देती रही हैं, लेकिन वर्तमान सरकार इन मौतों को नकार रही है। मृत किसानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके लिए प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप करना चाहिए।

उन्होंने एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी का भी विरोध किया और कहा कि सराफा कारोबारी लगातार हड़ताल कर रहे हैं, इससे उनके परिवार भूखों मरने की स्थिति में आ गए हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। कांग्रेस एक्साइज ड्यूटी का विरोध करती है। उन्होंने सांसद ओबेसी को भाजपा की बी टीम का चेहरा बताया। उत्तराखंड सीएम की सीडी के मामले में उन्होंने कहा कि भाजपा सीडी बनाने में एक्सपर्ट है। इससे ज्यादा कुछ नहीं। इस मौके पर जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद, नगर अध्यक्ष हरीबाबू शर्मा, अजय प्रताप सिंह, अनिल जैन सीमा, हरिकिशन बाबा, अमित प्रिय जैन उपस्थित रहे।

मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने ग्राम देवरान में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले किसान गोविंदा के घर जाकर उसके परिजनों को ढांढस बंधाया। मृतक के परिजनों ने बताया कि कर्ज लेकर कुआं खुदवाया था। लेकिन, सूखा पड़ जाने से वह कर्ज नहीं चुका पाया, इसके कारण वह परेशान था।

किसान के मरने से अब परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट आ गया है। परिवार के पास न तो राशन कार्ड है और न ही इंदिरा आवास मिल सका है। केंद्रीय मंत्री ने जिलाधिकारी से वार्ता कर किसान को मदद देने को कहा। इसके बाद उन्होंने गांव में फसलों की स्थिति देखी। इस मौके पर बिट्टू राजा, सुनील खजुरिया, अजय, आनंद कुशवाहा, उवेश, आसिफ, नदीम उपस्थित रहे।
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