कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक करते डीएम योगेश कुमार शुक्ला
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कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी ने विकास के प्राथमिकता कार्यक्रमों की अक्तूबर तक की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विद्यालयों में बच्चों को वितरित किए जाने वाले जूता, मोजा, स्वेटर, पाठ्य पुस्तक और बैग की गुणवत्ता एवं वितरण में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश प्रभारी बीएसए को दिए।
जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ला ने समस्त अधिकारियों से कहा कि वह बैठक में पूर्ण मनोयोग के साथ आएं। जलपान की व्यवस्था में समय व्यर्थ न करें। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पीएचसी व सीएचसी के चिकित्सकों के साथ बैठक करें। पेंशन योजनाओं में समस्या होने पर चर्चा करें। विद्युत विभाग की समीक्षा में बताया गया कि मुख्यालय स्तर पर औसत 22.30 घंटे, तहसील स्तर पर 21.07 घंटे तथा ग्रामीण स्तर पर 19.31 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। डीएम ने कहा कि 31 दिसंबर तक सौभाग्य योजना का शेष लक्ष्य पूर्ण किया जाए। 15 जनवरी तक हाईटेंशन तार संबंधी क्षतिपूर्ति का कार्य पूर्ण किया जाए। यदि इससे अधिक देरी होती है तो अधिशासी अधिकारी विद्युत के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत जिला पंचायत राज अधिकारी को उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं अन्य संबंधित लोगों के साथ बैठक कराने के निर्देश दिए।
कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने को कहा। कार्यदायी संस्था को 31 मार्च 2020 तक निर्माण करने को कहा। अन्यथा संस्था के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। महरौनी में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के निर्माण में शासन को वित्तीय स्वीकृति के लिए पत्र प्रस्तुत करने के लिए कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पांडेय, परियोजना निदेशक डीआरडीए बलिराम वर्मा, जिला विकास अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ एसके शाक्य, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवणस्त्रत्त् कुमार सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुरेंद्र कुमार पटेल, उप निदेशक कृषि संतोष कुमार सविता, जिला कार्यक्रम अधिकारी पुष्पा वर्मा आदि मौजूद रहे।