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गल्ला मंडी में खुलीं सभी पचास दुकानें

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गल्ला मंडी में हो रही गेहूं की खरीद - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। नवीन गल्ला मंडी शुक्रवार को गुलजार हो गई। नियमानुसार पचास व्यापारियों ने किसानों की उपज की खरीद की। गल्ला मंडी में ढाई हजार क्विंटल से अधिक अनाज की आवक हुई।
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वैश्विक बीमारी नोवल कोरोना वायरस संक्रमण को थामने के लिए लॉकडाउन किया गया, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर अधिक भीड़ न हो, इसके लिए ट्रेन, बसों व अन्य वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके अलावा मॉल, सिनेमाघर और अनाज मंडी को बंद कर दिया गया था। किसानों को अनाज बेचने की सुविधा के लिए नवीन गल्ला मंडी से व्यापारियों को चिह्नित कर, विशिष्ट गल्ला मंडी अमरपुर में स्थानांतरित किया, लेकिन पहले ही दिन सामाजिक दूरी का पालन व कोरोना बचाव के लिए सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गईं, जिसके चलते मंडी को बंद कर दिया गया था, तब से अब तक मंडी प्रशासन व व्यापरियों में तनातनी चलती रही। इसके फेर में किसानों केे पिसना पड़ा।
गल्ला मंडी बंद होने से किसानों को उपज बेचने के लिए संकट खड़ा हो गया था। किसानों की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने मंडी खोलने के निर्देश दिए थे, जिसमें नोवल कोरोना वायरस संक्रमण का नियंत्रण करने के लिए बनाए गए नियमों को देखते हुए 50 व्यापारियों को एक दिन में खोलने की अनुमति दी गई।
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पहले दिन केवल चार दुकानदार ही पहुंचे थे, लेकिन दूसरे दिन शुक्रवार को खुली गल्ला मंडी में सभी पचास दुकानदारों ने दुकानें खोलीं और किसानों को अपनी उपज बेचने की सुविधा मिली। मंडी खुलने के दूसरे दिन लगभग 80 ट्रैक्टर-ट्रॉली उपज बेचने के लिए पहुंचे, जिसमें ढाई हजार क्विंटल से अधिक माल की आवक हुई।
पल्लेदारों को भी मिला रोजगार
लॉकडाउन के कारण बंद पड़ी गल्ला मंडी से व्यापारियों के साथ ही मजदूर भी बेरोजगार हो गए थे, लेकिन जैसे ही मंडी नियमित तरीके से खुली सभी लोग खुश हो गए। मंडी व्यापारियों को व्यापार की सुविधा मिली, तो किसानों को उपज बेचने की सुविधा मिल गई। गल्ला मंडी बंद होने से कई किसानों को मजबूरी में औने-पौने दामों में उपज को बेचना पड़ रहा था। वहीं, दलाल किस्म के लोग मालामाल हो रहे थे। अब किसान, व्यापारियों के साथ पल्लेदार और टैक्सी चालकों को रोजगार मिल गया है।
इन दामों पर की गई खरीद
मटर 42 सौ से 45 सौ रुपये प्रति क्विंटल तक, चना 39 सौ से 42 सौ रुपये तक और गेहूं 18 सौ रुपये से 19 सौ रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदा गया।
गल्ला मंडी खुलने से व्यापारियों को व्यापार के अवसर मिले हैं। मजदूर तबके के पल्लेदार और अन्य लोगों के साथ किसानों को भी सुविधा हो गई है। - पारस मनया जैन
किसानों के पास एक मात्र आय का साधन कृषि कार्य है, जिससे अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। गल्ला मंडी बंद से उपज को औने- पौने दामों में बेचना पड़ रहा था। - रज्जूलाल दुबे
गल्ला मंडी को नियमित खोला जाए, इससे किसानों केे उपज बेचने में सुविधा मिल सके। साथ ही कर्ज से भी राहत मिल सके। - कल्लू कुशवाहा
किसानों को दलहन व तिलहन फसलों के उचित दाम मंडी में ही मिल पाते हैं, लेकिन गल्ला मंडी बंद होने से किसानों को ठगा जा रहा था, खुलने से राहत मिल गई है। - मोहन दुबे
गल्ला मंडी को नियमित खोला जाएगा। इस दौरान कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन कराया जाएगा। गल्ला मंडी में शुक्रवार को ढाई हजार क्विंटल से अधिक गेहूं, चना व मटर की आवक हुई। - सत्यपाल सिंह, अपर उपजिलाधिकारी / मंडी सचिव
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