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Lalitpur News: खेतों में भरा पानी, सोयाबीन की फसल पर संकट

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किसान बोले-उड़द और मूंग की फसल पहले ही हो चुकी नष्ट, बुधवार को हुई बारिश से आई आफत
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अमर उजाला ब्यूरो
बिरधा (ललितपुर)। बिरधा ब्लॉक क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से उड़द, मूंग के बाद अब सोयाबीन की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बारिश से खेतों में पानी भर गया है।
किसानों का कहना है कि अगर दो-चार दिन ऐसे ही बारिश होती रही तो सोयाबीन की फसल भी पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। किसानों ने खेतों का सर्वे कराकर फसल बीमा और मुआवजा दिलवाने की मांग की है।
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ब्लॉक क्षेत्र के गांव कलौथरा, सिंगेपुर, सतौरा, पिपरिया, कलरव, कोकटा, नीमखेरा, करमरा, पतौवा, बंगरिया, उमरिया आदि क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से उड़द व मूंग की फसलें बर्बाद हो गई थी।
बुधवार को हुई बारिश का पानी खेतों में भरने से परेशान किसानों का कहना है कि इस साल अच्छी फसल की उम्मीद थी। लग रहा था कि वह अपना कर्जा निपटा लेंगे लेकिन अब तो सोयाबीन की फसल भी बचती नजर नहीं आ रही है। रबी की बुवाई के लिए उन्हें कर्जा लेना पड़ेगा।

नष्ट हुई फसलों काे टोल फ्री नंबर पर दर्ज कराया लेकिन नहीं हुआ सर्वे
कलौथरा के किसान कुंदन सिंह यादव ने बताया कि उड़द की फसल तो पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। एक खेत में सोयाबीन बोया हुआ था लेकिन बुधवार को तेज बारिश से सोयाबीन के खेत में भी पानी भर गया है। नीरज सिंह यादव ने कहा कि यही हाल रहा तो सोयाबीन की फसल भी नष्ट हो जाएगी।
सिंगेपुर के किसान गजेंद्र सिंह परमार ने बताया कि उड़द व मूंग की फसल नष्ट होने के बाद सोयाबीन की फसल से उम्मीद थी लेकिन आज बारिश होने पर खेतों में पानी भर जाने से वह भी टूट गई है।
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भाकियू लोकशक्ति के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि किसानों ने बारिश से नष्ट हुई फसलों काे टोल फ्री नंबर पर दर्ज कराया लेकिन अब तक सर्वे नहीं हुआ है। बारिश से सोयाबीन की फसल भी बर्बाद होने की कगार पर है। किसानों की समस्याओं का समाधान न होने पर 26 सितंबर को आंदोलन करेंगे।
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