ललितपुर के मड़ावरा वन क्षेत्र से शुक्रवार को वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशखबरी आई। गिरार बीट में एक मादा तेंदुआ और उसके तीन बच्चों को देखा गया। इस वन्य क्षेत्र में पहली बार तेंदुए का नया कुनबा मिला है। यह संकेत है कि मड़ावरा का जंगल तेंदुए के प्रजनन के लिए सुरक्षित व अनुकूल है। सूचना मिलते ही वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। इस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
घायल तेंदुआ को उपचार के लिए भेजा गया था इटावा
केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत पन्ना में निर्माणाधीन बांध के कारण इन दिनों मड़ावरा के जंगलों में जानवरों ने शरणस्थली बना ली है। बाघ व तेंदुआ जैसे जानवर जंगल व उनके आसपास गांव में दिखाई देने लगे हैं। कुछ माह पूर्व ही तेंदुआ घायल अवस्था में दिखाई दिया था। जिसे पकड़कर इलाज के लिए इटावा भेजा गया था। एक माह पहले एक गोवंश को भी तेंदुआ ने निशाना बनाया था। अब गिरार बीट में मादा तेंदुआ व उसके तीन शावक दिखाई दिए हैं।
मिल चुके हैं 22 तेंदुए
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम पहुंच गई। उन्होंने इन शावकों का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल किया है। बता दें कि कुछ साल पहले हुई वन विभाग की गणना में जनपद में 22 तेंदुए मिले थे। ऐसे में शावक मिलने से तेंदुए की संख्या में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। वन विभाग द्वारा आसपास के गांवों में ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जंगल से सटे सभी गांव में मुनादी कराई जा रही है। मौके पर गिरार बीट प्रभारी वनरक्षक हजारी लाल, सेक्शन प्रभारी वन दरोगा महेंद्र कुमार, वनरक्षक तनुज तिवारी तथा अन्य वन कर्मचारियों की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है।
घबराने की बजाए सतर्क रहने की अपील
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी गौतम सिंह ने बताया कि गिरार बीट के जंगल में ग्रामीणों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई इलाके में लोगों और तेंदुए के परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखकर की जा रही है। ग्रामीणों से घबराने की बजाय सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
शावकों का वीडियो हो रहा वायरल...