ललितपुर। शहरवासियों पर आवारा कुत्तों का हमला बढ़ गया है। सर्दी बढ़ने से कुत्ते अधिक हमलावर हो गए हैं। जिला अस्पताल में प्रतिमाह लगभग डेढ़ सौ मरीज रैबीज के इंजेक्शन लगवाने के लिए आते हैं। वहीं, इन सर्दियों के 22 दिनों में ही 180 मरीज रैबीज इंजेक्शन लगवाने आ चुके हैं। बीते दिन तो 12 लोगों का पंजीयन इंजेक्शन के लिए हो गया है। इन्हें सोमवार को इंजेक्शन दिया जाएगा।
शहर को छुट्टा जानवरों की समस्या से तो निजात मिल नहीं सकी थी कि अब आवारा कुत्तों का खौफ भी बढ़ गया है। अधिकांश गलियों में आवारा कुत्ते नजर आ रहे हैैं। गलियों में इनकी संख्या अधिक होने से लोगों को आवागमन में कुत्ते के काटने का भय बना रहता है। स्कूली बच्चों को भी अकेले में कुत्तों के सामने से गुजरने पर काटने का डर बना हुआ है। इस कारण लोगों को अपने बच्चों को विद्यालयों तक छोड़ने के लिए जाना पड़ रहा है।
महिलाएं भी कुत्तों को देखकर खौफ में हैं। अधिकांश शहरवासी कुत्तों को देखकर बचाव की स्थिति में उस क्षेत्र से गुजर रहे हैं। कई गलियों में कुत्तों का झुंड घूम रहा है। इससे घर से बाहर खेल रहे बच्चों का भी परिजनों का भय सता रहा है। शहर के मुख्य मार्गों व गलियों में वाहनों की आवाजाही में दुर्घटना होने का डर बना रहता है।
शनिवार और रविवार को 12 से अधिक लोगों को दो कुत्तों ने काट लिया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि दो कुत्तों का आंतक बहुत अधिक है। कुत्ते के काटने के बाद लोग उपचार कराने के जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंच रहे हैं। जहां पर इंजेक्शन लगाने के बाद मरीजों को वापस भेजा जा रहा है। अब इन लोगों को रेबीज के इंजेक्शन के लिए सोमवार को बुलाया गया है। घंटाघर पर राजेंद्र रजक के पैर को एक कुत्ते ने अपने मुंह में भर लिया। गनीमत रही कि पैर में जूता होने के कारण कुत्ता काट नहीं सका।
शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सड़क पर कुत्तों के घूमने से कई बार दो पहिया वाहन चालक गिरकर चुटहिल हो जाते हैं।
- विंद्रावन
गलियों में कुत्ते घूमने से बच्चों को अकेले विद्यालय व कोचिंग जाने में काटने का भय बना रहता है। कुत्तों को शहर से पकड़वा कर बाहर कराया जाए।
- वंशी ग्वाला
कई बार शाम के समय रास्तों से गुजरने पर बिजली न होने पर अंधेरे में निकलने पर घूम रहे कुत्तों के काटने का भय रहता है। इससे आवागमन में परेशानी होती है।
- जितेंद यादव
रविवार को अपने घर से निकल कर बाजार की ओर जा रहा था। इसी दौरान छत्रसालपुरा में एक कुत्ते ने काट लिया। शहर से कुत्तों को शीघ्र ही बाहर कराया जाए।
- अमित चौबे
जिला अस्पताल में एक माह में डेढ़ सौ से अधिक कुत्ते के काटने के मरीज रैबीज इंजेक्शन लगवाने आते हैं। लेकिन, इस महीने मरीजों की संख्या बढ़ गई है। 22 दिसंबर तक 180 मरीजों को रैबीज लगाए जा चुके हैं। अस्पताल में 2640 इंजेेक्शन उपलब्धह हैं, जो छह माह तक के लिए पर्याप्त हैं।
- डा. एसके वासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
शहर में बढ़ रही आवारा कुत्तों के काटने की घटनाओं के कारण एक टीम कुत्तों को पकड़ने के लिए लगाई गई है। शहर से कुत्तों को पकड़वाकर बाहर कराया जाएगा।
- डा. संजय कुमार मिश्रा, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका