ललितपुर। गेहूं की सरकारी खरीद चल रही है, लेकिन जिले की कुछ ग्राम पंचायतें ऐसी भी हैं, जहां के किसानों के टोकन जनरेट नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण किसान गेहूं नहीं बेच पा रहे हैं।
जिले की पिपरई न्याय पंचायत में ग्राम धौर्रा, कपासी, मादौन, भारौन, दूधई, जमुनिया, सगौरिया और डुं्गरिया ग्राम पंचायतें हैं। पहले इनको पाली तहसील से जोड़ा गया था। बाद में इन ग्राम पंचायतों को दोबारा ललितपुर तहसील में जोड़ दिया गया। इससे ग्राम पंचायतों का डाटा तहसील के डाटा से नहीं जुड़ सका। अब यही डाटा किसानों के लिए परेशानी बन गया है। दरअसल, विभागीय रिकार्ड में यह गांव अब तक तहसील में शो नहीं हो रहे हैं। हालांकि, खसरा-खतौनी तो यहां के किसानों को तहसील ललितपुर से मिलती है, लेकिन इसके बाद भी किसानों को गेहूं बेचने के लिए टोकन जनरेट नहीं हो पा रहा है।
ग्राम धौर्रा में गेहूं खरीद केंद्र बनाया गया है, लेकिन टोकन जनरेट नहीं हो पाने के कारण किसान गेहूं बेचने नहीं जा पा रहे हैं। इस कारण खरीद केंद्र पर सन्नाटा पसरा है। इस क्षेत्र में गेहूं की अच्छी पैदावार होती है। यहां पिछले साल तक दस हजार क्विंटल गेहूं की खरीद सहकारी समिति पर की जाती रही है। लगभग सत्रह सौ किसान समिति से जुड़े हुए हैं। लेकिन, टोकन जनरेट नहीं होने से किसान परेशान हैं। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर समस्या के समाधान की मांग की है। ज्ञापन पर इंद्रपाल, रामदेव, कोमल, राजू, तोरन, कल्लू, मनोज आदि के हस्ताक्षर हैं।
दो दिन में समस्या हल नहीं हुई तो आंदोलन होगा
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष हरदयाल लोधी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बताया कि सहकारी समिति के सचिव किसानों को एसडीएम की परमीशन लाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब ऑनलाइन टोकन जारी हो रहे हैं तो उसमें अनुमति की कोई आवश्यकता नहीं है। पार्टी इसका विरोध करती है। मांग की गई कि यदि दो दिन में किसानों का सहूलियत नहीं दी गई तो पार्टी आंदोलन करेगी। ज्ञापन पर रामकुमार सिंह, हरगोविंद लोधी, सुजान रजक, ओमकार सिंह, निरपत सिंह, इंद्रपाल सिंह, मुकेश कुमार, आरिफ खान, रोशन सिंह, कल्यान सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं।
किसानों की समस्या आई है। इसकी जानकारी कर रहे हैं कि कहां से गड़बड़ी है। जल्द ही समाधान कर दिया जाएगा।
- अनिल कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी