संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। खरीफ फसलों की बुआई का समय शुरू होते ही किसान खाद और बीज के इंतजाम में जुट गए हैं। कृषि विभाग ने अनुदान पर बीज और मिनीकिट का वितरण शुरू कर दिया है। किसान कृषि गोदामों के अलावा निजी दुकानों से भी बीज खरीद रहे हैं, ताकि बारिश होते ही समय पर बुवाई की जा सके। हालांकि, खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विभाग जहां समितियों और निजी दुकानों पर पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रहा है, वहीं कई किसानों का कहना है कि उन्हें समितियों पर खाद नहीं मिल रही है।
जिले में खरीफ फसलों की बुआई की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। जिन फसलों में बुआई के समय ही उर्वरक की आवश्यकता होती है, उनके लिए किसान बीज के साथ खाद की भी व्यवस्था कर रहे हैं। इसके चलते बीज और खाद की दुकानों पर किसानों की आवाजाही बढ़ गई है। कृषि विभाग की ओर से कृषि गोदामों पर अनुदानित बीज और बीज मिनीकिट का वितरण भी किया जा रहा है। हालांकि, जिले के कई इलाकों में किसान अभी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि पर्याप्त वर्षा होते ही बुवाई का काम शुरू कर दिया जाएगा।
समितियों और निजी दुकानों पर खाद का स्टॉक
कृषि विभाग के अनुसार जिले में वर्तमान में निजी दुकानों और सहकारी समितियों पर 4,700 मीट्रिक टन यूरिया, 5,672 मीट्रिक टन डीएपी तथा 3,613 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। सहकारी समितियों पर 807 मीट्रिक टन यूरिया, 560 मीट्रिक टन डीएपी और 23 मीट्रिक टन एनपीकेएस का स्टॉक मौजूद है। विभाग ने समितियों से खाद की उपलब्धता का अद्यतन विवरण भी मांगा है। बी-पैक्स महरौनी समिति पर 300 बोरी यूरिया, मड़ावरा सहकारी समिति पर 400 बोरी खाद उपलब्ध है। यहां प्रति किसान दो बोरी खाद दी जा रही है। बी-पैक्स गौना में 25 बोरी डीएपी और 25 बोरी यूरिया उपलब्ध है, जबकि बानपुर सहकारी समिति में करीब 600 बोरी खाद का स्टॉक बताया गया है।
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कैप्सन-महेश साहू।
सोयाबीन की बुआई के लिए डीएपी की जरूरत है, लेकिन समिति में खाद उपलब्ध है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है। कई बार समय पर समिति भी नहीं खुलती।
-महेश साहू, किसान।
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कैप्सन-हलकाई।
सोयाबीन में खाद मिलाने से पैदावार अच्छी होती है, लेकिन खाद की उपलब्धता नहीं हो पा रही है।
-हलकाईं, किसान।
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जनपद में खाद का स्टॉक पर्याप्त है,समितियों से खाद उपलब्धता का ब्योरा मांगा गया है,आने के बाद डिमांड के अनुरूप समितियों को खाद उपलब्ध करवाई जाएगी।
-प्रदीप कुमार,अपर जिला कृषि अधिकारी