तालबेहट। पिछलें दिनों हुई बारिश से बेतवा नदी के किनारे बसे गांवों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी भरने से कुछ गांवों के किसानों की दलहनी फसलें बर्बाद हो गईं। इससे किसानों में मायूूूसी है। किसानों ने इस संबंध में अधिकारियों से मुआवजा दिलाने की गुुुहार लगाई है।
पिछले दिनों मध्य प्रदेश सहित जनपद में अच्छी बारिश हुई थी। जिसके चलते बेतवा नदी दो सप्ताह तक उफान पर रही। जिसके चलते बेतवा नदी के बसे राजपुर, कोटरा, रजावन, भदौना, कड़ेसराकलां, वर्मा बिहार, सरखड़ी, भैंसनवारा खुर्द आदि गांवों के कई किसानों के खेतों में खड़ी फसल पानी में डूब गई। वही कई गांवों में जलभराव या गहराई वालें खेतों में पानी भर गया। जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। इससे किसान काफी मायूस हैं।
बारिश से बेतवा में आए बेहिसाब जल प्रवाह से पूरी फसल बर्बाद हो गई। सरकार को क्षतिग्रस्त फसल का सर्वे करा कर मुआवजा देना चाहिए। - नंदलाल अहिरवार
काफी मात्रा में इस बार फसल बोई थी। अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन बारिश ने एक बार फिर किसानों के सपने चकनाचूर कर दिए। - राघवेंद्र यादव
इस बार अच्छी फसल पैदावार की संभावना थी। लेकिन बारिश से पूरा खेत जल मग्न होने से पूरी फसल खराब हो गई। लागत निकालना मुश्किल है। -इमरत कुशवाहा
किसानों के प्रार्थना पत्रों की जांच के लिए लेखपालों को निर्देशित कर दिया गया है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई तय होगी। - अमित कुमार भारतीय, उपजिलाधिकारी तालबेहट।