ललितपुर। विकास भवन के सभागार में आयोजित किसान दिवस में किसानों ने बैंकों में हो रही दलाली पर अपना गुस्सा निकाला। उन्होंने एलडीएम को खरी-खोटी सुनाई। इस पर डीएम ने किसानों से बैंकों व दलालों के नाम बताने को कहा, जिससे उनकी जांच कराई जा सके। इसके अलावा ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, सूखाराहत, पेयजल व पशु चारा की समस्या रखी गई।
मंगलवार को किसान दिवस की कार्रवाई शुरू हुई। इसी दौरान ग्राम चढ़रऊ के किसान नारेबाजी करते हुए बैठक में उपस्थित हो गए।
इससे करीब आधा घंटा कार्रवाई बाधित हुई। किसानों ने आरोप लगाया कि बैंकों में किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर उगाही हो रही है, जिसमें दलालों की सक्रियता बनी हुई है। उन्होंने एलडीएम को खूब खरी-खोटी सुनाई। डीएम डा. रूपेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर किसानों को जांच कराने का आश्वासन दिया। जिस पर ग्राम चढरऊ के किसान शांत हो गए। किसान प्रतिनिधियों का कहना था कि किसानों को अतिवृष्टि, ओलावृष्टि व सूखा राहत की राशि नहीं मिल पा रही है, जिससे किसानों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। डीएम डा. रूपेश कुमार ने बताया कि 464 करोड़ रुपये की मांग के सापेक्ष 172 करोड़ रुपये जनपद को प्राप्त हुए हैं, जिसका वितरण करा दिया गया है। उन्होंने बीज अनुदान केेेे मामले में प्रबंधक जिला अग्रणी बैंक पीएनबी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की हिदायत दी। जल व्यवस्था के लिए डीपीआरओ को निर्देशित किया। उन्होंने स्थानीय नलकूपों से तालाब भरने, हैंडपंपों के नजदीक गड्ढे खुदवाने के निर्देश दिए, जिससे कि जानवरों के पीने के पानी की समस्या का समाधान हो सके।
मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण लक्ष्यकार ने बीमित कृषकों को मुआवजा दिलाने, क्राप कटिंग की स्थिति को सार्वजनिक करने व बीज अनुदान दिलाने के निर्देश उप कृषि निदेशक हंसराज को दिए। इस मौके पर भाकियू लाखन पटेल, राजपाल यादव, मर्दन सिंह यादव, भाकिसं केहर सिंह बुंदेला, नवनीत सिंह, केहर बाबा, डीएफओ वीके जैन, अधिशासी अभियंता विद्युत प्रशांत सिंह उपस्थित रहे।