ललितपुर। कला भवन में चल रहे नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का समापन हो गया। इस दौरान हुई चित्रकला प्रतियोगिता में मोनू सलूजा प्रथम रहीं।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा अधिकारी शमीम खानम रहीं। अध्यक्षता सिद्धि समूह के भूपेंद्र जैन ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि योगाचार्य डा. रमेश किलेदार रहे। अतिथियों ने कला भवन में लगी कलाकृतियों का अवलोकन किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि ललितपुर जनपद अलग-अलग प्रतिभाओं से भरा पड़ा है। शिविर उनकी प्रतिभा को समग्र रूप से निखारने में मदद करते हैं।
कला आत्मा का ईश्वरीय संगीत है। उन्होंने कहा कि चित्रों की निर्माण शैली उच्चकोटि की है, जो सामाजिक समरसता का संदेश देती हैं। साथ ही कहा कि शिविर आयोजक जनपद के विद्यालयों में भी इस तरह के कौशल शिविर आयोजित करें। अध्यक्षता कर रहे भूपेंद्र जैन ने बच्चों को अपनी रुचि को चित्रों के माध्यम से व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सामाजिक सहिष्णुता के चित्र तैयार करने और कार्यशाला आयोजित करने हेतु हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया।
शिविर आयोजक ओमप्रकाश बिरथरे ने चित्रकला प्रशिक्षण शिविर के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे बाल कलाकारों की छिपी प्रतिभा को निखारने में सहायता मिलती है। इस अवसर पर इंटेक ललितपुर चैप्टर ललितपुर द्वारा हमारी विरासत विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने जनपद के पुरातात्विक इमारतों के चित्र बनाए।
इसमें मोना सलूजा प्रथम, आकांक्षा राजूपत द्वितीय और आस्था गोस्वामी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार सैन्या समैया, अंशु जैन और अनुप्रिया जैन को प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि ने बच्चों को पुरस्कार वितरित किए।
इस अवसर इंटेक ललितपुर चैप्टर संयोजक संतोष शर्मा ने कहा कि यह चित्रकला प्रशिक्षण शिविर बच्चों की प्रतिभा को संवारने में कारगर सिद्ध हुआ है। प्रशिक्षित चित्रकला के विद्यार्थी आने वाले समय में जनपद का नाम रोशन करेंगे। बीएसए, समाजसेवी भूपेंद्र जैन, संतोष कुमार शर्मा और पर्यटन के क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए फिरोज इकबाल को स्मृति चिह्न और शाल भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर आनंद कुमार त्रिपाठी, शांति मालवीय, अशोक कुमार गोस्वामी, कैलाश नारायण द्विवेदी, गोविंद व्यास, एनएल शर्मा, भगवत दयाल सिंधी, प्रीतम सत्संगी उपस्थित रहे। ओमप्रकाश बिरथरे ने सभी का आभार व्यक्त किया।