ललितपुर (ब्यूरो)। बुंदेलखंड में सूखे की मार और कर्ज से तंग किसानों की मौत का सिलसिला नहीं रुक पा रहा है। बानपुर थाना के ग्राम खिरिया छतारा में किसान ने साहूकार से त्रस्त होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
ग्राम खिरिया छतारा निवासी सुजान यादव के पिता गोरेलाल ने करीब आठ वर्ष पहले साहूकार से बीस हजार रुपये कर्ज लिया था। कर्ज नहीं चुका पाने की स्थिति में साहूकार ने जमीन पर कब्जा कर लिया और गोरेलाल को आठ बोरा फसल देने के नाम पर खेत ठेका पर दे दिया। गोरेलाल की मौत के बाद उसका पुत्र सुजान भी इसी स्थिति में खेती करता रहा।
पिछले दिनों साहूकार ने खेत पर जाने से सुजान को मना कर दिया। खेत जाने पर रोक के बाद उसके आगे परिवार के भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया। इसी चिंता में बुधवार की दोपहर दो बजे सुजान ने खेत पर जाकर आम के पेड़ से फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।
देर शाम को परिजनों की घटना की जानकारी हुई, तो हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के एक पुत्र व दो पुत्री हैं।