सिलावन/ ललितपुर। जामनी बांध से निकली बायीं नहर का पानी टेल तक नहीं पहुंच रहा है। इससे किसानों की भूमि पानी के अभाव में सूखी पड़ी है। बुवाई का समय निकलता जा रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जामनी बांध से निकली नहरों का पानी सिलावन क्षेत्र के कई गांवों में नहीं पहुंच रहा है, जिससे कई किसानों ने खेतों में पलेवा नहीं कर पाया है। जामनी बांध से निकलने वाली बायीं नहर में टेल तक पानी नहीं पहुंचा है। इस कारण टेल के गांव समोगर, छपरट, कुरौरा, अमौरा, दरौनी, पाह, सतलिंगा, भौंरट, खैरा, दिदौरा, ढंगरिया, उमरी, अजनौरा, टपरन, उदैया और बानपुर क्षेत्र के कई गांवों की सैकड़ों एकड़ जमीन सूखी पड़ी है। इससे किसानों में आक्रोश है। यदि समय रहते पलेवा के लिए पानी नहीं मिला तो बुवाई प्रभावित होगी। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों का आरोप है कि इस मामले में सिंचाई विभाग के अफसर कुछ नहीं कर रहे हैं। यदि समय से बुवाई नहीं हुई तो क्षेत्र का किसान बर्बाद हो जाएगा।
गांव के प्रभावशाली किसान नहर के पानी को आड़ा लगाकर रोक लेते हैं, जिसके कारण पानी टेल तक नहीं पहुंच पाता है। इसकी शिकायत करने पर भी अधिकारी कोई ध्यान नहीं देते हैं। नहरों की सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जाती है। समय से पानी नहीं मिल पाने के कारण टेल के किसानों को काफी आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है। - सोबरन सिंह यादव
यह समस्या आज की नहीं, बल्कि पिछले कई वर्षों से चली आ रही है। ग्राम समोगर के बाद आगे के गांवों में नहरों का पानी नहीं पहुंचता है, जिसके चलते किसानों को खेती करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बार- बार कहने के बाद भी विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। - राजकुमार
ऐसा नहीं कि विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन कर्मचारियों की उदासीनता से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। किसानों को मजबूरी में अपने खेतों की सिंचाई करने के लिए किराए से पानी ले जाना पड़ता है। सिंचाई विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए। - मनीराम
किसानों की समस्या की ओर ध्यान देने की फुर्सत किसी को नहीं है। नहर का संचालन शुरू हुए बीस दिन हो चुके हैं, बावजूद इसके ग्राम कुरौरा तक पानी नहीं पहुंचा है। इस वजह से खेतों की बुवाई समय से नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। - धनीराम
नहर की टेल तक पानी पहुंचाने के लिए स्वयं पेट्रोलिंग कर रहे हैं। शुक्रवार से टेल तक पानी पहुंचना आरंभ हो जाएगा। हर हालत में किसानों के खेतों तक नहर का पानी पहुंचाया जाएगा। - शरद कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड