ललितपुर। महरौनी क्षेत्र के ग्राम पठा समेत दो दर्जन गांवों के किसानों को गड़बड़ाई बिजली के चलते पलेवा की पहली सिंचाई करने में दिक्कत हो रही है। दिन में जहां मात्र दिन में पांच घंटे तक ही बिजली मिल रही है, तो रात में एक फेस नहीं आने से नलकूप की मोटरें नहीं चल पा रही है। बीते कई दिनों से ऐसी गड़बड़ाई बिजली की वजह से किसानों को परेशान होना पड़ रहा है।
किसान रबी की फसल की तैयारी में जुट गया है और इसके लिए किसानों द्वारा खेतों में पलेवा किया जा किया जा रहा है। इसके लिए किसानों ने पलेवा की पहली सिंचाई भी शुरु कर दी है। लेकिन वहीं महरौनी क्षेत्र के ग्राम पठा व आसपास के करीब दो दर्जन से अधिक गांव में किसानों को पलेवा करने में भारी दिक्कत हो रही है। इसका कारण यह है कि जहां किसान फसल बोने से पूर्व खेतों की जुताई और फिर पलेवा के लिए पहली सिंचाई करता है, वहीं पठा व आसपास के गांव में बिजली आपूर्ति दिन के समय में मात्र पांच से छह घंटे हो रही है, जबकि रात के समय एक फेस नहीं आने के कारण नलकूप की मोटरें दो फेस आने के कारण लोड नहीं ले पा रही हैं, जिससे नलकूप की मोटरें नहीं चलने के कारण किसानों को सिंचाई में दिक्कत हो रही है और वह पलेवा नहीं कर पा रहे हैं। इस संबंध में किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं और पर्याप्त बिजली आपूर्ति के लिए बिजली विभाग से मदद की अपील भी की।
विद्युत कर्मचारी लगातार मनमानी करने पर उतारु हैं, जबकि सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली देने के निर्देश दिए गए हैं, जो किसानों को मिलना चाहिए, लेकिन क्षेत्र में दिन में मात्र चार से पांच घंटे ही बिजली आ रही है।
आनंद दीक्षित, पठा।
रबी की फसल की तैयारी शुरु हो गई है, लेकिन अभी से बिजली आपूर्ति गड़बड़ाई हुई है, जबकि अभी बहुत अधिक लोड भी नहीं रहता है। जब हर खेत में सिंचाई होगी, तब लोड अधिक होगा, तब तो और भी अधिक दिक्कत होगी।
विपिन विश्वकर्मा।
रात में दो फेस पर ही बिजली आ रही है। जिसमें किसानों को ट्यूबवेल की मोटरें नहीं चल पाती हैं और दिन में भी मात्र तीन से चार घंटे ही बिजली मिल रही है। पलेवा के लिए नलकूप धारक सिर्फ बिजली आने पर ही निर्भर हैं।
धर्मेंद्र कुमार विदुआ।