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आवास की आस में खुले में रह रहा परिवार

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महरौनी में आवास के अभाव में झोपड़ी में गुजर बसर करते भारती व लखन - फोटो : LALITPUR
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महरौनी। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत जरूरतमंदों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। महरौनी का एक परिवार ऐसा भी है, जो आवास के लिए कई बार आवेदन दे चुका है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है।
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नगर पंचायत सीमा के अंदर बाहरी लोगों द्वारा जमीन की रजिस्ट्री कराकर आवेदन करके प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लिया जा रहा है। लेकिन, मोहल्ला मलैयापुरा निवासी भारती विश्वकर्मा पत्नी लखन विश्वकर्मा को आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वह पुराने मिट्टी के कच्चे मकान में रह रहा था, लेकिन चार साल पहले उसका कच्चा मकान गिर गया था, तब से मकान की जमीन में छोटी सी टपरिया में पूरा परिवार गुजर-बसर कर रहा है। भारती के दो बच्चे हैं, जो इसी टपरिया में रह रहे हैं। वह खुले में खाना बनाते हैं और वहीं पर परिवार सहित रहते हैं। पीड़ित भूमिहीन है।
बरसात में यह परिवार कैसे रात बसर करता होगा, यह यक्ष प्रश्न है। जब कड़ाके की सर्दी पड़ती है तो लोग अपने मकानों में दुबक जाते हैं और सर्दी से निजात पा लेते हैं, लेकिन इस परिवार को सर्दी से बचने का कोई उपाय नहीं है। इस भीषण सर्दी में यह परिवार खुले में रात गुजारने को मजबूर है। लखन विश्वकर्मा मेहनत-मजदूरी कर जैसे- तैसे परिवार का भरण पोषण कर लेता है, लेकिन मकान बनाने की गुंजाइश नहीं है। वह आवास के लिए आवेदन कई बार कर चुका, लेकिन कोई सुन नहीं रहा है।
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कच्चा मकान था, वह भी चार साल पहले बरसात में गिर गया था। आवास बनवाने के लिए कई बार आबेदन कर चुकी हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब केवल जिलाधिकारी का सहारा है।
- भारती पत्नी लखन विश्वकर्मा
गरीब का कोई नहीं है। कोई नहीं सुनता है। आवास बनेगा या नहीं, यह उम्मीद भी खत्म होती जा रही है। खुले में रात गुजारने से बच्चे अक्सर बीमार हो जाते हैं। बरसात में जब सभी मकानों के अंदर सोते हैं, हम अपने बच्चों के साथ बैठकर रातें गुजारते हैं। हमारे दर्द को कोई नहीं समझता है।
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- लखनलाल विश्वकर्मा पुत्र स्व. गजाधर विश्वकर्मा
भारती का आवास बन जाए, इसके लिए मैंने भी कई बार पहल की। इनके पास कमीशन के लिए पैसे नहीं हैं, जिसके कारण आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
- गोलू शुक्ला, पूर्व जिला मंत्री भारतीय जनता युवा मोर्चा
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास के चयन एवं क्रियान्वयन के संबंध में नगर पंचायत की कोई भूमिका नहीं रहती।
- मधुसूदन जायसवाल
अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत महरौनी।
यदि आवेदन किया है तो कोई न कोई आवेदन में गड़बड़ी होगी। आवेदक के पास यदि दस्तावेज हैं, तो जिलाधिकारी कार्यालय में आकर उन्हें दिखाए। कार्रवाई की जाएगी।
- राजीव शुक्ला, परियोजना निदेशक डूडा
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