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किसानों का अटका बाइस करोड़ का भुगतान

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ललितपुर। खरीद एजेंसियां किसानों को उनकी उपज का समय से भुगतान कराने के मामले में नाकाम हो रही हैं। वर्तमान में जिले के किसानों का 2277.68 लाख रुपये का भुगतान अवशेष है। किसान इस भुगतान को पाने के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
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इस समय शादी की सहालग की वजह से किसान व्यस्त हैं। कोई अपनी बिटिया की शादी करने की योजना बना रहा है तो किसी को रिश्तेदारी में आयोजित कार्यकम में शामिल होना है लेकिन भुगतान के अभाव में कई किसानों के काम अटक रहे हैं। नियमानुसार एक सप्ताह में किसानों को भुगतान हो जाना चाहिए। इसके बाद भी विभिन्न एजेंसियों का भुगतान अवशेष बना हुआ है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो खाद्य विभाग को 98.33 लाख रुपये, पीसीएफ को 2171.83 लाख रुपये व भारतीय खाद्य निगम को 7.52 लाख रुपये का भुगतान किसानों को करना है। इस तरह कुल मिलाकर जिले के किसानों का 2277.68 लाख रुपये का भुगतान अवशेष है। कई किसानों का धैर्य जवाब दे रहा है, वह क्रय केंद्र से लेकर खरीद एजेंसी के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। जहां उन्हें मायूसी हाथ लग रही है। विभागीय अफसरों का कहना है कि एफसीआई से पीसीएफ को चार करोड़ रुपये मिला है, जिसे किसानों के खाते में हस्तांतरित करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
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इतनी हो चुकी जिले में खरीद
खाद्य विभाग ने 7017.75 मीट्रिक टन, पीसीएफ ने 38183 मीट्रिक टन व भारतीय खाद्य निगम ने 1405.30 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। इस प्रकार जिले में कुल मिलाकर अब तक 46606.25 मीट्रिक टन गेहूं 8438 किसानों से खरीदा गया है।
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1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हो रही खरीद
इस वर्ष शासन द्वारा गेहूं की सरकारी खरीद का मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। क्रय केंद्रों पर इस रेट पर गेहूं खरीदा जा रहा है। इसके पश्चात किसानों को पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से गेहूं का भुगतान करने की व्यवस्था की गई है।
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किसानों का 75 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। अवशेष भुगतान को करने की भी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
राकेश कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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