संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर । फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र मामले में अब तक आरोपी व्यक्ति के प्रमाणपत्र की जांच नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग ने उसे कई बार नोटिस भेजकर बुलाया, लेकिन वह जांच के लिए उपस्थित नहीं हुआ। उधर, पूरा मामला लखनऊ एटीएस के पास होने के कारण विभाग आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए शासन के निर्देशों का इंतजार कर रहा है।
हाल ही में लखनऊ में सामने आए फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र प्रकरण में यह भी सामने आया कि एक प्रमाणपत्र जनपद मुख्यालय से जारी किया गया था। सूचना मिलते ही स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी। जांच में आजादपुरा निवासी राजकिशोर के नाम से दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाए जाने का मामला सामने आया। यह प्रमाणपत्र वर्ष 2023 में जारी हुआ था।
स्वास्थ्य विभाग ने कई बार पत्र भेजकर राजकिशोर को पुनः जांच के लिए सीएमओ कार्यालय बुलाया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ। विभाग इस संबंध में कई बार पत्राचार कर चुका है और मामले की जानकारी शासन स्तर पर भी भेजी जा चुकी है। हालांकि, अब तक आगे की कार्रवाई को लेकर कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
चूंकि इस पूरे प्रकरण की जांच लखनऊ एटीएस कर रही है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग फिलहाल कोई अन्य वैधानिक कदम नहीं उठा रहा है।
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फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र मामले में संबंधित व्यक्ति को कई बार बुलाया गया, लेकिन वह जांच के लिए नहीं आया। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। शासन के निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
— डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ललितपुर