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Lalitpur News: मौसम में बदलाव से बढ़े आंखों के मरीज

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ललितपुर। मौसम में उतार-चढ़ाव से आंखों में परेशानी बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज पहुंच रहे हैं, इनमें 40 फीसदी में एलर्जी के कारण आंखें लाल व जलन हो रही है। चिकित्सकों के अनुसार इस बीमारी को बर्नल कंजक्टिवाइटिस कहते हैं। बारिश में कीड़ों से भी समस्या हो रही है। बड़ों के साथ ही बच्चे भी चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि आंखों को साफ रखें, धूल से बचाव करें।
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बीते दिनों लगातार बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई है। इससे आंखों में समस्या आ रही है। मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज आ रहे हैं। 40 फीसदी मरीजों की आंखें लाल, पुतली के पास गंदगी और सूजन, आंखों में जलन आदि समस्या है। नेत्र रोग विभाग की अध्यक्ष रुपाली वर्मा ने बताया कि बारिश के मौसम में कीड़े उड़ते हैं, जो आंखों में जाने से परेशानी बढ़ाते हैं। इससे आंखों में जलन व खुजली होने लगती है। एक आंख से दूसरी आंख में संक्रमण हो जाता है। पुलती में सूजन आ जाती है। आंखों में सूखापन भी आ रहा है। समय पर इलाज न कराने से आंखों की रोशनी भी प्रभावित हो सकती है।
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इस तरह करें बचाव
बाहर से घर पहुंचने पर आंखों को ठंडे पानी से ठीक तरह से साफ करें। बार-बार हाथ से आंखों को न छुएं। चश्मा लगाएं। किसी दूसरे व्यक्ति की रूमाल व तौलिया का उपयोग न करें। 00000000000000
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उल्टी, दस्त और खुजली के भी मरीज बढ़े
बार (ललितपुर)। बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उल्टी, दस्त एवं खुजली के मरीजों की संख्या अधिक रही। डॉ. रिहान आलम ने बताया कि पहले 35 से 40 मरीज विभिन्न रोगों के आते थे, लेकिन बुधवार को 90 मरीज आए, जिसमें 50 फीसदी से अधिक उल्टी, दस्त और खुजली की समस्या से पीड़ित थे। उन्होंने बताया कि इस मौसम में यदि पानी नल का हो तो उसे गर्म करें और ठंडा होने के बाद ही पिएं। बारिश में नम कपड़े पहनने से खुजली हो जाती है, इससे बचें। महिला चिकित्सक डॉ प्रेक्षा जैन ने बताया कि उल्टी, दस्त के अलावा आंखों में दर्द आदि के मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। मरीजों को समुचित उपचार दिया जा रहा है। केंद्र अधीक्षक डॉ नवनीत कुमार ने बताया कि बरसात में होने वाले संक्रामक रोग हैजा, डायरिया, उल्टी, दस्त आदि से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। सीएचओ, एएनएम आदि को बीमारी फैलने की जानकारी होने पर तुरंत अवगत कराने का निर्देश दिया गया है।
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