ललितपुर। मनरेगा योजनांतर्गत ग्राम पंचायतों में तालाब खुदवाने के लिए विभागीय अफसर सक्रिय हो गए हैं। उपायुक्त श्रम व रोजगार ने एक मई से तालाबों का काम आरंभ करने वाली ग्राम पंचायतों का ब्योरा खंड विकास अधिकारी से तलब किया है।
इस साल जिले में औसत से काफी कम बारिश हुई है, जिसका परिणाम यह रहा कि अधिकांश जल स्रोतों में पानी सूख गया है। इसी के चलते जिला प्रशासन ने जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में तालाब खुदवाने/ जीर्णोद्धार कराने का निर्णय लिया है। अफसरों का मानना है कि सभी ग्राम पंचायतों में तालाब खुदने से गिरते जल स्तर को रोकने में मदद मिलेगी। वहीं, स्थानीय मजदूरों को रोजगार की व्यवस्था हो जाएगी।
जिलाधिकारी डॉ. रूपेश कुमार ने एक मई से ग्राम पंचायतों में तालाब निर्माण का कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए है। वहीं, शुक्रवार को उपायुक्त श्रम व रोजगार एनडी द्विवेदी ने एक मई से कार्य आरंभ करने वाली ग्राम पंचायतों का ब्योरा बीडीओ से तलब किया है।
मजदूरों को मिलने लगी मजदूरी
मनरेगा मजदूरों को वर्ष 2015- 16 की बकाया मजदूरी अब मिलने लगी है। जिले के मजदूरों को बकाया मजदूरी देने के लिए 18.62 करोड़ रुपए की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है।
रोजगार देने की रफ्तार धीमी
वित्तीय वर्ष 2016- 17 में 23,662 परिवार रोजगार की मांग कर चुके हैं। इसके मुकाबले 4,004 परिवारों को रोजगार दिया गया है।