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कोरोना के चलते परीक्षाएं रद्द होने से युवाओं में मायूसी

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ललितपुर। कोरोना वायरस को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार गंभीर है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर में चल रहीं परीक्षाओं को दो अप्रैल तक रद करने का आदेश दे दिया है। परीक्षाओं के रद होने से परीक्षा दे रहे युवाओं में काफी मायूसी है।
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युवाओं का कहना है कि बीच में ही परीक्षाएं रद हो जाने के कारण उनकी पढ़ाई में विघ्न पैदा हो गया है। इससे पहले पढ़ाई का अच्छा माहौल बना हुआ था। प्रश्नपत्र के अनुसार रुटीन में परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। लेकिन, अब बीच में ही परीक्षाएं रद हो जाने से पढ़ाई से मन भटक जाएगा और फिर उस तरह की तैयारी नहीं कर पाएंगे, जिस तरह से रुटीन में कर रहे थे। कुछ युवाओं का कहना है कि अब उन्हें बचे प्रश्नपत्रों की तैयारी के लिए ज्यादा समय मिल गया है, जिससे वह परीक्षा की तैयारी और बेहतरीन तरीके से कर सकेंगे।
हमारी बीएससी द्वितीय वर्ष की परीक्षा चल रही थी। अचानक आदेश आया कि कोरोना वायरस के चलते परीक्षाएं रद कर दी गईं। मात्र दो ही पेपर होने को रह गए थे, वे भी हो जाते तो परीक्षाओं की चिंता ही खत्म हो जाती।
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- शिवम दुबे, बीएससी द्वितीय वर्ष
परीक्षा अच्छे से दे रहे थे, अब बीच में परीक्षाएं रद हो जाने के कारण जो पढ़ाई का माहौल बना हुआ था, वह अब दोबारा नहीं बन पाएगा। दो अप्रैल तक इतने लंबे अंतराल में विषय से भ्रमित होना कोई बड़ी बात नहीं है।
- नितेश कुमार
परीक्षा रद होने की समस्या नहीं है। बल्कि, सबसे बड़ा लाभ तो यह होगा कि जो बचे पेपर हैं, उनकी तैयारी अब और बेहतरीन तरीके से कर सकते हैं। अभी भी रुटीन में पढ़ाई जारी रखेंगे तो बेहतर रिजल्ट का लाभ भी मिल सकता है।
- लक्ष्मण सिंह
बहुत अच्छी तैयारी के साथ पेपर दे रहे थे, लेकिन कोरोना वायरस के चक्कर में जो फैसला मुख्यमंत्री ने किया है, उससे पढ़ाई का रिदम बिगड़ जाएगा और फिर उस तरह की पढ़ाई नहीं हो पाएगी।
- शुभम कुमार
बचे हुए पेपर भी बिना किसी गैप के हो जाते तो अच्छा रहता, क्योंकि इससे पढ़ाई का माहौल खराब नहीं होता। अब जो दो अप्रैल तक का अंतराल मिला है, इसी अंतराल में तैयारी को बरकरार रखनी होगी।
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- बंटी तिवारी
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