ललितपुर। कोतवाली महरौनी पुलिस ने अनुसूचित जाति की एक महिला की जमीन को कूटरचित दस्तावेजों से अपने नाम कराने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमोद बड़ौनियां, उनकी पत्नी, पुत्र व बहू समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
ग्राम कुआंघोषी निवासी मीरा पत्नी दयाराम अहिरवार ने एडीजे/ विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) की अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह वर्तमान में मप्र के गंजबासौदा में निवास करती है। उसकी जमीन महरौनी में नाराहट रोड पर स्कूल के पीछे पड़ी है। पति के निधन के बाद उसके अनपढ़ होने का फायदा उठाकर महरौनी के मैन बाजार निवासी प्रमोद बड़ौनिया, पत्नी शीतल बड़ौनियां, पुत्र दुष्यंत बड़ौनिया, बहू नीलम और अंजन बड़ौनिया ने कूूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बिना उसकी सहमति के अपने नाम करा ली। इसका उपजिलाधिकारी महरौनी के न्यायालय में वाद विचाराधीन है।
20 नवंबर 2020 की शाम को वह अपने गांव जा रही थी। दुष्यंत बड़ौनिया ने उसे बुलाया और मुकदमा वापसी के लिए कहने लगे। उसी समय प्रमोद बड़ौनिया, अंजन, शीतल व नीलम आ गए। उसने उनसे फर्जी दस्तावेजों से जमीन नाम कराने की बात कही तो सभी नाराज हो गए और गाली- गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने लगे। उसने विरोध किया तो मारपीट पर आमादा हो गए। आरोप है कि भरे बाजार में जूते मारने की धमकी देते हुए चले गए।
पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी तो उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली महरौनी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।