ललितपुर। पति की मृत्यु के बाद महिलाओं को दी जाने वाली निराश्रित पेंशन/ विधवा पेंशन अब प्रत्येक तीन महीने बाद मिलेगी। साथ ही योजना में पारदर्शिता लाने और महिलाओं को परेशानी से बचाने के लिए शासन ने पीएफएमएस ऑनलाइन प्रणाली के तहत पेंशन भेजने का निर्णय लिया है। ऐसे में महिलाएं अपने आधार कार्ड, फोटो, मोबाइल नंबर, बैंक की पास बुक की छायाप्रति एक सप्ताह में कार्यालय में उपलब्ध करा दें।
पति की मृत्यु के बाद महिलाओं को दी जाने वाली निराश्रित पेंशन/ विधवा पेंशन/ इंदिरा गांधी विधवा पेंशन योजना के तहत जिले में 11,284 महिलाओं को लाभ दिया जा रहा है। इसमें प्रत्येक महिला को तीन सौ रुपए प्रति माह पेंशन सुविधा दी जाती है, ताकि वह अपना गुजारा कर सके। इस हिसाब से प्रत्येक छह- छह महीने बाद 1,800 रुपए पेंशन आती थी। लेकिन, अब इसमें बदलाव कर दिया गया है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि अब पेंशनर्स महिलाओं को प्रत्येक तिमाही पर नौ सौ रुपये की किस्त दी जाएगी। इस तरह अब दो किस्तों के स्थान पर चार किस्तें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि जिले में लगभग दो हजार विधवा महिलाओं ने पेंशन के लिए नए आवेदन पत्र भरे हैं, लेकिन सभी आवेदन पत्रों के साथ आधार कार्ड, फोटो, मोबाइल नंबर और बैंक पास बुक की छायाप्रति आदि उपलब्ध नहीं होने के कारण पीएफएमएस ऑनलाइन प्रणाली द्वारा पेंशन भेजे जाने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि सभी विधवा पेंशनधारक महिलाएं, जिस बैंक से पेंशन ले रही हैं अथवा पेंशन ली जानी है, उस बैंक में जाकर अपना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर अपलोड करा दें। साथ ही संबंधित खंड विकास अधिकारी के माध्यम से अथवा सीधे जिला कार्यालय में दो फोटो, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड और राष्ट्रीयकृत बैंक का खाता नंबर एक सप्ताह में उपलब्ध करा दें, ताकि उनकी पेंशन शुरू की जा सके।
सैदपुर (ललितपुर)। सरकार की मंशा समाजवादी पेंशन योजना का लाभ गरीबों को दिए जाने की होने के बाद भी अपात्रों को इसका लाभ दिया जा रहा है। मड़ावरा ब्लाक के ग्राम पंचायत सौंरई के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर योजना में शामिल अपात्रों की जांच कर उन्हें योजना से बाहर करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत में अपात्र व्यक्तियों एवं परिवारजनों को योजना से जोड़कर उन्हें लाभ दिलाया जा रहा है। जबकि, पात्र व्यक्तियों को योजना से वंचित कर दिया गया है। अब गरीब समुदाय की महिलायें दर- दर भटक रही हैं। महिलाएं ब्लाक मुख्यालय पर आकर दुखड़ा सुनाने के लिए ब्लाक प्रांगण में बैठी रहीं, पर किसी भी अधिकरी ने उनकी बात नहीं सुनी। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजा। इस मौके पर फूलन, ज्ञान बाई, अमनी, सुगर दुलैया, द्रोपती, सुषमा, पुष्पा, सनता, रती, ब्रजरानी, श्याम रानी, केशर, लक्ष्मी, मीरा आदि हस्ताक्षर हैं।