संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्रामीण इलाकों में पानी पहुंचाने के लिए हर घर जल योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत ठेकेदार ने पाइप लाइन बिछाने के लिए करीब 722 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त की दी हैं। कुछ सड़कें हाल ही में बनाई गई थीं।
जल जीवन मिशन के तहत 652 गांवों के लोगों को पानी मिलना है। इसके लिए 15 पाइप पेयजल योजना तैयार की गई थी, जिसमें धौर्रा-जाखलौन व बिल्ला-मोगान पाइप पेयजल योजना पूर्ण नहीं हो पाई है। वहीं, 182 गांव ऐसे हैं, जिनमें पानी नहीं पहुंच पाया है। लेकिन, इस योजना ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों की सड़कों को चलने लायक नहीं छोड़ा है। ठेकेदारों ने पाइप लाइन बिछाने लिए सड़कों को जेसीबी से खोद दिया है। बाद में इनकी मरम्मत के नाम पर खानापूरी की है। इस परियोजना में 722 किलोमीटर सड़क को खोदा गया है। विभाग दावा कर रहा है कि 620 किलोमीटर सड़क की मरम्मत हो गई है। अभी 187 गांव ऐसे हैं, जिसमें सड़क की मरम्मत नहीं हो पाई है।
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पाइप पेयजल योजना- 15
इन गांवों में होनी थी पेयजल आपूर्ति- 652
इन गांव में ही हो सकी पेयजल आपूर्ति- 466
सड़क खोदी गई - 722 किलोमीटर
मरम्मत हुई- 620 किलोमीटर
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सड़कों की क्षति का सर्वे बीच में ही रोका
तत्कालीन जिलाधिकारी आलोक कुमार सिंह ने सड़कों के क्षति का आकलन करने की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपी थी। जिला पंचायत राज विभाग ने करीब 250 गांव का सर्वे किया था। करीब 100 करोड़ की सड़क खराब होने का आकलन किया गया था। इसके बाद बिना किसी कारण के यह सर्वे रोक दिया गया। चूंकि कार्यदायी संस्था को ही सड़क की मरम्मत करानी थी, इसलिए यह गणना नहीं कराई गई।
कार्यदायी संस्था सड़क की मरम्मत करा रही है। अभी दस साल तक पूरी परियोजना की देखरेख इन्हीं कंपनी को करनी है। जहां सड़क खराब होगी, वहां फिर से यही मरम्मत कराएंगे।
राजेश कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे।