ललितपुर। नेहरू महाविद्यालय प्रबंध समिति की बैठक में महाविद्यालय के कृषि छात्रावास के समीप स्थित नवीन कैंपस को विकसित करने का निर्णय लिया गया। व्यवसायिक और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की मान्यता लेने का निर्णय भी लिया गया।
महाविद्यालय के संस्कृत भवन सभागार में शरद खैरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रबंधक प्रदीप चौबे ने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की कमी है। इसलिए महाविद्यालय के कृषि छात्रावास के पास नवीन कैंपस को शीघ्र विकसित किया जाएगा। अनेक व्यवसायिक एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की मान्यता के लिए आवेदन किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अध्ययन-अध्यापन की कमी नहीं रहेगी। प्रतिर्स्पधा के युग में महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के लिए विभिन्न संकायों में शोध की सुविधाएं प्रदान की गई हैं। अनुशासन की स्थापना एवं शिक्षण कार्य को प्रभावशाली बनाने हेतु कदम उठाए जाएंगे।
कृषि की नवीन पद्धति की जानकारी देने के लिए पाली हाउस के निर्माण का निर्णय लिया गया। स्वर्ण जयंती समारोह और सम्मान समारोह करने का निर्णय लिया गया। संस्कृत भवन के सामने से बाईपास गेट तक महाविद्यालय परिसर के अंदर सड़क बनाने तथा परिसर में उद्यान एवं वाटिका विकसित कर सौंदर्यीकरण का निर्णय लिया गया।
प्रबंध समिति के उप मंत्री हरदयाल सिंह ने छात्र/छात्राओं के प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन की सुविधा महाविद्यालय परिसर में कराने का प्रस्ताव रखा। इस पर सर्वसम्मति से सहमति बन गई। महाविद्यालय का राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद द्वारा मूल्यांकन कराने पर चर्चा की गई। प्राचार्य डॉ. अवधेश अग्रवाल ने बताया कि नैक मूल्यांकन हेतु तैयारी प्रारंभ हो चुकी है। दिसंबर तक नैक मूल्यांकन करा लिया जाएगा। संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री ने तुलसी सभागार को 30 फुट और आगे बढ़ाने तथा सुसज्जित करने का प्रस्ताव रखा, जिस पर सर्वसम्मति बन गई। शरद खैरा ने कहा कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान का कर्तव्य है कि उसमें शिक्षा पा रहे छात्र/छात्राओं को ज्ञानवर्धन के साथ उनमें राष्ट्र प्रेम व श्रेष्ठ अनुशासन की शिक्षा प्रदान की जाए।
इस अवसर पर प्रबंध समिति के वरिष्ठ सदस्य गुलाम मुहम्मद गामा, हरीराम निरंजन, बब्बूराजा बुंदेला, अरविंद नायक, उदित रावत, रघुवीरशरण तिवारी, भगवत दयाल सिंधी, महेंद्र पाराशर, प्रदीप गुप्ता, विलास पटैरिया, अजय पटैरिया, गोविंद व्यास, धमेंद्र रावत, रामबाबू गोस्वामी, वीरेंद्र तिवारी, बृजेश चौबे, महेश श्रीवास्तव, गिरीश पाठक, अनूप ताम्रकार, रसिक लाल चौबे, संतोष चौबे, सतीश चंद्र जैन, डा. अनिल सूर्यवंशी, डा हरीशचंद्र दीक्षित, डा. संजीव शर्मा, डा सुधाकर उपाध्याय, डा सुभाष जैन, डॉ. रामकुमार रिछारियाञ, डॉ. सूबेदार यादव, डा शैलेंद्र सिंह चौहान, डॉ. अरिमर्दन सिंह, डा. अवनीश त्रिपाठी, डा. ओपी चौधरी, विवेक पाराशर, फहीम बख्श आदि उपस्थित रहे।