ललितपुर। नर्सिंग होम में इमरजेंसी सेवाओं के साथ ही उपचार की सेवाएं नियमित रूप से मिल सकेंगी। ऑपरेशन भी होगा। मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्राइवेट चिकित्सकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि अन्य बीमारियों से मौत का आंकड़ा न बढ़े, इसके लिए अपनी सेवाओं को जारी रखें और आपातकालीन स्थिति में ऑपरेशन करें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा में 25 प्रतिशत सरकारी व 75 प्रतिशत निजी चिकित्सक का योगदान है। इमरजेंसी ऑपरेशन भी करें। निजी चिकित्सकों में जो अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से जुड़ेे हैं, उन्हें पीपीई किट व एन- 95 मॉस्क 50 फीसदी कम दरों में उपलब्ध कराए जाएंगे।
‘बचाव ही बेहतर है इलाज से’ अंत में उन्होंने प्रशासन और सीएमओ से नर्सिंग होम, आईएमए के पदाधिकारियों व बड़े अस्पतालों से नियमित संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया। यदि अस्पताल में कोई कोरोना मरीज आ जाएं तो मरीज वाले वार्ड को 24 घंटे के लिए सैनिटाइज कर बंद कर दें, अस्पताल चालू रखें। वीडियो कांफ्रेंसिंग में मौजूद आईएमए के प्रांतीय परिषद सदस्य और प्राइवेट डॉक्टर एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस उद्बोधन से निजी चिकित्सकों में कोरोना काल में व्याप्त असुरक्षा और असमंजस की भावना नहीं रहेगी और जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में इस कोरोना महामारी से लड़ाई के लिए नई ऊर्जा का संचार होगा। इस दौरान जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रताप सिंह, डॉ. जेएस बख्शी, डॉ. राजकुमार जैन, डॉ. अमित चतुर्वेदी, डॉ. हरेंद्र चौहान, आईएमए सचिव डॉ. विकास जैन व डॉ. आलोक जैन मौजूद रहे।