जखौरा/ललितपुर। जखौरा उपकेंद्र जाने वाली 33 केवी लाइन के चार खंभे टूटने से 60 गांवों की बिजली 60 घंटे से ठप है। तीन दिन बाद भी टूटे खंभे नहीं लगने से यहां के लोगों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ा।
रोंड़ा स्थित 132 केवी पारेषण उपकेंद्र से जखौरा 33 केवी उपकेंद्र के लिए 33 केवी लाइन गई है। तीन दिन पहले शुक्रवार सुबह छह बजे से भारी बारिश और हवा के चलते रोंड़ा से जखौरा के बीच ग्राम बानौली में 33 केवी लाइन के चार खंभे टूटकर धराशायी हो गए। इससे जखौरा उपकेंद्र से जुड़े फीडरों के अंतर्गत 60 गांवों की आपूर्ति ठप हो गई, जो तीसरे दिन रविवार शाम पांच बजे के बाद भी बहाल नहीं हो सकी।
जखौरा सब स्टेशन के चार फीडरों से जुड़े जखौरा, नगवांस, बुड़ेरा, मनपुरा, गुलेंदा, लालौन, घिसौली, धुरवारा, बादरौन, चितरा, आगर, विनैकाटोरन, बरौदास्वामी, मैनवारा, ननौरा, करारी, पंचौरा, किसलवास, गुरसौरा, करमुहारा, विनेकामाफी, विनेकालोगं, सीरोंन कलां, सीरोन खुर्द, खसुआ, थनवारा, सतगता, लागौन, सिरसी, रसोई, बानोली, राख पंचमपुर, धर्मपुरा, हीरापुर, रायपुर, पिपरा, छिपाई और जमौरा सहित 60 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है। बिजली ठप रहने से ग्रामीणों को पेयजल संकट, मच्छरों के प्रकोप और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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खराब मौसम बना बाधा : खंभे टूटने की जानकारी पर बिजली विभाग ने लाइन और खंभे जोड़ने के प्रयास किए, लेकिन मौसम खराब होने से खंभे लगाने में तीन दिन का समय लग गया।