पानी से टपकती छत के नीचे चल रहा विद्युत रिले केंद्र
पाली (ललितपुर)। कस्बे में पांच एमपीए क्षमता वाला 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र है, जिसका लोकार्पण 15 जनवरी 2011 को किया गया था। आज इस भवन की छत से बरसात का पानी टपकने लगा है। जो रिले केंद्र के लिए बड़ा ही खतरनाक है। इसके साथ ही धरने के दौरान इस उपकेंद्र में देखा गया तो कई जगह विभिन्न ब्रांडों की शराब की खाली बोतले पड़ी थी जिससे लोगों भी यहां तैनात कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान उठाने लगे ।
लोगों को सावधानी का पाठ पढ़ाने वाली विभाग अपने ही उपकेंद्र की व्यवस्थाओं से अनभिज्ञ नजर आ रहा है । परिसर के जिस घेरे में विद्युत ट्रांसफार्मर रखे हैं, उसके आसपास बड़े पैमाने पर हरी घास खड़ी है। जो यहां रखे ट्रांसफार्मरों के लिए कभी भी बड़ा खतरनाक साबित हो सकता है। तैनात कर्मचारियों ने बताया कि इस घास से ट्रांसफार्मरों में ब्लास्ट होने की संभावना बनी रहती है। इसके साथ ही सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस रिले केंद्र से पाली सहित आसपास के फीडर संचालित हो रहे हैं , उस विद्युुत रिले केंद्र की छत बारिश के पानी से टपक रही है । जो फीडर मशीनों के लिए बड़ा ही खतरनाक साबित है । फीडर मशीन पर छत का पानी न गिरे इसके लिए यहां तैनात कर्मचारी मशीन को पॉलिथीन से ढककर उनको सुरक्षित बनाये रखने के प्रयास में लगे रहते है । उनका यह प्रयास कब तक सार्थक रहेगा इसकी भी कोई गारंटी नहीं है ।
इनका कहना
कुछ लोग झूठे फोन लगाकर भी आपूर्ति को प्रभावित कर देते है। लाइनमैन जब मौके पर जाता तो वहां वैसा कुछ नहीं होता। आपूर्ति बाधित होने पर कई लोग फोन पर गालियां भी बकते है। पठारी क्षेत्र से ऐसे कॉल ज्यादा आते है ।
दीपक सिंह , एसएसओ 33 विधुत उपकेंद्र
पैनल लगने से टपक रही छत
रिले केंद्र की छत के ऊपर सोलर पैनल लगाए गए हैं । जिससे इसकी छत पर पॉलीथिन भी नही डाल सकते । कई बार इसमें सीमेंट भी डाला गया लेकिन पानी का टपकना कम नहीं हुआ । इसलिए फीडर मशीनों को पॉलिथीन से ढककर रखा गया है । अशोक , संविदाकर्मी
अधिकारियों से नहीं हो पाया संपर्क
परिसर में शराब की खाली पड़ी बोतलें एवं पानी से टपक रही रिले केंद्र की छत के बारे में जानकारी चाही तो जेई के मोबाइल से संपर्क नहीं हो पाया तो। वहीं, अलग-अलग समय में दो बार कॉल करने के पर एसडीओ ने कॉल रिसीव नहीं की ।