चीफ कार्यालय से संबद्ध अधीक्षण अभियंता ने बृहस्पतिवार को बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचकर एमनेस्टी योजना पंजीकरण व वसूली की समीक्षा की। उन्होंने एई मीटर के कार्यालय नहीं मिलने पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। यही नहीं, वह शहर के मुहल्ला गांधीनगर और चौबयाना में मीटर और नए कनेक्शन लगाने के कार्य भी जांचे।
अधीक्षण अभियंता किशन सिंह ने बृहस्पतिवार की सुबह साढ़े दस बजे जिला परिषद स्थित विद्युत कार्यालय पहुंचकर एमनेस्टी योजना में हो रहे विभिन्न चारों उपखंड कार्यालयों में पंजीकरण कराने की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से एमनेस्टी योजना की कार्यपद्धति भी जानी। उन्होंने मीटर विभाग के अधिकारियों से मिलकर घरों में मीटर लगाने, नये कनेक्शन जारी करने, बिना संयोजन वाले घरों में बिजली का उपभोग करने वालों को रोशन करने संबंधी विभिन्न विद्युत कार्यों की समीक्षा की गई। शहरी क्षेत्र में अब तक 1500 एमनेस्टी योजना के तहत पंजीकरण होना पाया गया, जबकि एक नया कनेक्शन जारी किया गया है।
शहरी क्षेत्र में कुल 11406 विद्युत बकाएदार हैं, जबकि इन उपभोक्ताओं पर 43.49 करोड़ रुपये बकाएदारी चल रही है। इतने कम एमनेस्टी पंजीकरण और काफी कम वसूली पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मीटर विभाग के अधिकारियों को शहर में उपभोक्ताओं के घरों में उसी समय मीटर लगाने के लिए निर्देशित किया। लेकिन जब थोड़ी ही देर बाद अधीक्षण अभियंता ने एई मीटर से संपर्क करना चाहा, तो उनका एई मीटर से संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद अधीक्षण अभियंता ने मीटर विभाग में भी मोबाइल से एई मीटर से संपर्क किया, लेकिन वहां भी सही जानकारी नहीं मिलने पर वह अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता, उपखंड अधिकारी के साथ मीटर विभाग पहुंच गए, लेकिन वहां भी एई मीटर नहीं मिले, जिस पर उन्होंने लापरवाही बरतने पर एई मीटर के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद वह अधिकारियों के साथ गांधी नगर पहुंचे, जहां उन्होंने मीटर लगाने के कार्य का निरीक्षण किया। जबकि मुहल्ला चौबयाना पहुंचकर उन्होंने कनेक्शनों की जांच की।