बुंदेलखंड प्रांत बनाने की मांग के लिए 10 व 11 दिसंबर को बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के तत्वावधान में झांसी में सत्याग्रह आंदोलन किया जाएगा। इसमें जनपद से सैकड़ों लोग शामिल होंगे। बुमुमो कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की सफलता के लिए बैठक कर रणनीति तय की।
बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं की बैठक मंगलवार को सुभाषपुरा स्थित कार्यालय में आयोजित की गई। इसमें निर्णय लिया गया कि दस व ग्यारह दिसंबर को बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित सत्याग्रह आंदोलन में भारी संख्या में लोग पहुंचेंगे। जिलाध्यक्ष विवेक तिवारी ने कहा कि उनकी संस्था बुंदेलखंड राज्य बनाने के लिए कृत संकल्पित है और झांसी में सत्याग्रह आंदोलन की सफलता के लिए ललितपुर के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क किया जा रहा है। इसके लिए ब्लॉक व तहसील स्तर पर आंदोलन के लिए रणनीति तैयार की गई है।
मनीष रावत ने कहा कि बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा ने बुंदेलखंड को पृथक राज्य बनाए जाने के लिए राजनीतिक पार्टियों द्वारा मात्र खानापूर्ति भर ही की जा रही है। बुंदेलखंड राज्य को लेकर मात्र राजनीति चमकाने में लगे हैं, जबकि ऐसे लोगों को बुंदेलखंड की बदहाली का तनिक भी ख्याल नहीं है। विशाल पटैरिया ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों द्वारा कहा जा रहा है कि मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का विकास तेज होने के कारण वहां के लोग बुंदेलखंड राज्य को प्रथक करने में अपना योगदान नहीं देते। उन्होंने कहा कि उनका संगठन प्रदेश के हिस्से के बुंदेलखंड में जितना सक्रिय हैं, उतना ही मध्य प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। साथ ही बताया कि मध्य प्रदेश के लोग भी आज बुंदेलखंड राज्य को प्रथक करने के लिए अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। बैठक में रामनरेश दुबे, शिवम अग्निहोत्री, सुधांशु मालवीय, दिलीप पाराशर, संजय पटैरिया, मनीष राय, अंकुश सेन, इशरार कुरैशी, नीलेश जैन, अलीम राईन, दीपक ताम्रकार, पुष्पेंद्र पटेल, विनोद पटेल, आलोक जैन, प्रशांत रावत, कपिल तिवारी, अभिषेक तिवारी, मोहित तिवारी उपस्थित रहे।