ललितपुर। विद्युत विभाग द्वारा मीटर रीडिंग का सही आंकलन न करने के कारण उपभोक्ताओं को विद्युत की कम खपत करने के बाद भी ज्यादा विद्युत बिलों का भुगतान अदा करना पड़ रहा है। वहीं, आईडीएफ वाले उपभोक्ता किलोवाट के हिसाब से दोगुनी राशि का भुगतान करने को मजबूर हैं।
शहर क्षेत्र में विद्युत विभाग द्वारा 24 हजार से अधिक घरेलू, 3,500 से अधिक कॉमर्शियल, 90 चक्की व 50 पावर के संयोजनधारी उपभोक्ताओं द्वारा बिजली का उपभोग किया जा रहा है। विभाग द्वारा एक कार्यदाई संस्था के 14 मीटर रीडरों द्वारा विद्युत बिलिंग कराई जा रही है, जो घर-घर जाकर मीटरों की रीडिंग के सापेक्ष बिल बनाकर उपभोक्ताओं को सौंपते हैं।
वहीं, मीटर खराब होने या फिर अन्य तकनीकी कारणों पर फिक्स यूनिट के आईडीएफ या आरडीएफ के बिल बनाए जाते हैं, लेकिन, शहर में बहुत से मीटर रीडरों द्वारा विद्युत खपत का सही आंकलन किए बिना ही संयोजनों पर विद्युत भार बढ़ा दिए जाते हैं।
विद्युत विभाग के कार्यालय में रोजाना दर्जन भर से अधिक उपभोक्ताओं द्वारा विद्युत अधिकारियों से कम खपत के बाद भी बिना जांच किए लोड बढ़ाए जाने की शिकायत की जा रही है। इन सबके बावजूद भी समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
विभाग द्वारा आईडीएफ के बिलों पर एक किलोवाट के संयोजनों पर 155 फिक्स यूूनिट के हिसाब से 935 रुपए का बिल दिया जा रहा है। संयोजन पर विद्युत भार बढ़ा दिए जाने से दो किलोवाट के संयोजन पर उपभोक्ताओं को इससे डबल यानि 310 यूनिट के हिसाब से 1,870 रुपए के बिल का भुगतान करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
विभाग द्वारा मीटर बदलने का कार्य समय से नहीं होने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है या फिर तकनीकी कारणों के कारण लोड बढ़ रहे हैं, जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।