विद्युत बिलों में गड़बड़ी करने वाले मीटर रीडरों पर शिकंजा कसने के लिए उनके एंड्रायड मोबाइल में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा। इससे मीटर की फोटो के साथ विद्युत बिल बनेगा। ग्रामीण और कस्बों में यह व्यवस्था अगले माह से लागू हो जाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश कारपोरेशन विद्युत विभाग को निर्देश जारी कर दिए हैं।
जनपद में अब तक विद्युत विभाग के कर्मचारी एसबीएम मशीन से हैंड बिलिंग कर रहे हैं। इसके तहत मीटर रीडर घर-घर जाकर मीटरों की रीडिंग करते बिल बनाते हैं। इसमें कई बार रीडिंग से छेड़छाड़ करने के मामले सामने आते रहे हैं। वहीं, कई बार मीटर रीडर घर से विद्युत बिल बना दिया करते थे। इसी वजह से यह प्रक्रिया और मीटर रीडर संदेह के घेरे में रहते हैं। बिलिंग में पारदर्शिता के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन ने मीटर रीडरों को नए सॉफ्टवेयर से लैस एंड्रॉएड मोबाइल उपलब्ध कराया है। यह मोबाइल जीपीएस और ब्लूटूथ युक्त होगा। इसके साथ ही एक छोटा प्रिंटर भी मीटर रीडरों को उपलब्ध कराया जाएगा, जो वह गले में लटका सकेंगे। कार्पोरेशन ने इसे क्लीपिंग बिलिंग का नाम दिया है। उक्त जीपीएस सिस्टम युक्त एंड्रॉएड मोबाइल से मीटर की फोटो युक्त बिल को तत्काल प्रिंटर से निकालकर उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जाएगा। यह पूरा सिस्टम ऑन-लाइन आगरा के डाटा सेंटर से कनेक्ट किया जाएगा। फिलहाल यह व्यवस्था ग्रामीण और कस्बाई इलाकों समेत तालबेहट और महरौनी में अगले माह की पहली तारीख से शुरू की जाएगी।
बिलिंग कंपनी साईं कंप्यूटर्स मेरठ के सुपरवाइजर तौफीक अहमद मून ने बताया कि यह सिस्टम उन्हें मिल गया है। इससे कुछ ही दिनों से बिलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इससे बनाए गए बिलों में मीटरों की रीडिंग सहित फोटो भी रहेगी।